अदनान फाउंडेशन द्वारा शनिवार को कस्बा स्थित कैंप कार्यालय पर विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
- विश्व हिन्दी दिवस पर अदनान फाउण्डेशन की विचार गोष्ठी
चन्दौली / धानापुर। अदनान फाउंडेशन द्वारा शनिवार को कस्बा स्थित कैंप कार्यालय पर विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में हिन्दी भाषा के महत्व, उसकी समृद्ध परंपरा तथा वर्तमान समय में उसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए अदनान फाउंडेशन के अध्यक्ष एम अफसर खान ‘सागर’ ने कहा कि हिन्दी केवल संवाद की भाषा नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता की मजबूत कड़ी है। हिन्दी ने देश को जोड़ने का काम किया है और आज भी यह जन-जन की भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति का माध्यम बनी हुई है।
इस अवसर पर मुश्ताक अहमद लड्डन ने कहा कि हिन्दी आम जनता की भाषा है, जिसमें समाज की वास्तविक पीड़ा, संवेदना और संघर्ष समाहित हैं। उन्होंने दैनिक जीवन में हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया।
संदीप गुप्ता ने हिन्दी को मातृभाषा और देश की आत्मा बताते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे डिजिटल एवं आधुनिक माध्यमों में हिन्दी के प्रयोग को बढ़ावा दें, ताकि आने वाली पीढ़ी भाषा से जुड़ी रहे।
वक्ताओं ने हिन्दी के संरक्षण और संवर्धन पर बल देते हुए इसे वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।
गोष्ठी में आरिफ खान, बृजेश प्रजापति, कृपा शंकर, मोनू कुशवाहा, सरफुद्दीन, लक्ष्मण प्रसाद, अजीत कुमार, तबरेज खान, कामरान खान सानू सहित अनेक लोग उपस्थित रहे

