अजित पवार का निधन से सब दुःखी, आज बेटों ने दी मुखाग्नि

अजित पवार का निधन से सब दुःखी, आज बेटों ने दी मुखाग्नि

महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर और NCP के नेता अजित पवार (66) को आज बारामती में पूरे राजकीय रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 

अजित पवार का निधन से सब दुःखी, आज बेटों ने दी मुखाग्नि


Purvanchal News Print / मुंबई। महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के लीडर अजित पवार (66) को गुरुवार को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में पूरे राजकीय रीति-रिवाज के साथ सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। उनके बेटों पार्थ पवार और जय पवार ने श्मशान घाट पर मुखाग्नि दी।

इससे पहले, यूनियन मिनिस्टर अमित शाह, नितिन गडकरी, रामदास अठावले, BJP के नेशनल चीफ नितिन नवीन, चीफ मिनिस्टर देवेंद्र फडणवीस और दूसरे बड़े नेताओं ने अजित पवार को फूल चढ़ाकर आखिरी श्रद्धांजलि दी।

 उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार के बेटे जय पवार और पवार परिवार के दूसरे सदस्यों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। अपने लीडर को आखिरी श्रद्धांजलि देने के लिए उनके सपोर्टर्स की भारी भीड़ जमा हुई। लोगों ने अजित पवार को नम आंखों से आखिरी विदाई दी।

बता दें कि डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार की बुधवार को बारामती में एक प्लेन क्रैश में मौत हो गई। क्रैश तब हुआ जब प्लेन लैंड करने की कोशिश कर रहा था। 

क्रैश में उनके पर्सनल सिक्योरिटी डिटेल, एक फ़्लाइट अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर की भी मौत हो गई। महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन का नेशनल शोक घोषित किया है।

 अजित पवार का पार्थिव शरीर बुधवार शाम को विद्या प्रतिष्ठान ले जाया गया। बाद में आज सुबह, उनका पार्थिव शरीर बारामती के काठेवाड़ी ले जाया गया। अजित पवार की अंतिम यात्रा काठेवाड़ी से शुरू हुई।

 पूरे बारामती में "दादा, वापस आओ!" के नारे गूंज रहे थे। समर्थकों ने "एक वादा अजित दादा" के नारे लगाकर उन्हें विदाई दी।

अजित पवार के जाने से महाराष्ट्र और बारामती में शोक की लहर दौड़ गई है। पवार परिवार और बारामती के लोगों के बीच का रिश्ता अटूट है। परिवार ने अपनी कामयाबियों से नेशनल और स्टेट पॉलिटिक्स में अपना नाम बनाया है। 

सीनियर लीडर शरद पवार ने 1988 में बारामती की लीडरशिप अजित पवार को सौंप दी थी। तब से अजित पवार ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 

बारामती के लोगों ने उन्हें बहुत प्यार किया, उन्हें सात बार पार्लियामेंट के लिए चुना। बारामती के लोगों के लिए काम करने वाले अजित पवार ने बारामती में आखिरी सांस ली। बारामती को देश का नंबर वन शहर बनाने का उनका सपना अधूरा रह गया। 

बारामती में कई प्रोजेक्ट्स पूरे होने वाले हैं, जैसे आयुर्वेद कॉलेज, करहा नदी का री-अलाइनमेंट, करहा-नीरा प्रोजेक्ट, जो खेती के लिए फायदेमंद होगा, और शिवश्रुति प्रोजेक्ट शामिल हैं।

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