जनपद में लगातार तापमान में गिरावट और धुन्ध की समस्या बढ़ते जा रही है जो रबी की फसलों के लिए नुकसानदायक सिद्ध हो सकती है.
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- District Agricultural Protection Officer Sneha Prabha ने पत्र के माध्यम से कराया अवगत
Purvanchal News Print / Chandauli: जनपद में लगातार तापमान में गिरावट और धुन्ध की समस्या बढ़ते जा रही है जो रबी की फसलों के लिए नुकसानदायक सिद्ध हो सकती है अतः जनपद के समस्त किसान भाईयों से अपील है कि अपने फसलों में लगने वाले कीट / रोगों के प्रभावी प्रबंधन हेतु किसान भाईयों को अवगत कराना है कि जिले की कृषि रक्षा इकाइयों पर विभिन्न प्रकार के रसायन अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जैव रसायन 75% अनुदान पर उपलब्ध-
जनपद की सभी कृषि इकाईयों पर जैव रसायन जैसे ट्राइकोडर्मा एवं ब्यूवेरिया बेसियाना पंजीकृत कृषकों को 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कृषि रक्षा रसायनों पर 50 प्रतिशत अनुदान की व्यवस्था है।
गैर जैविक रसायन 50% अनुदान पर उपलब्ध-
कीटनाशी तरल- जैविक रसायनों के बावजूद प्रोफेनोफास 50 ई०सी०, इमिडाक्लोपिड 17.8% एसएल, मैलाथियान 50 प्रतिशत ई०सी०, क्लोरपायरीफॉरा 20 प्रति० ई० सी० और क्लोरेन्ट्रानिलोप्रोल 18.8% एससी कीटनाशी तरल उपलब्ध है।
फफूंदनाशी फफूंदनाशक श्रेणी में कार्बन्डाजिम 50% डब्ल्यूपी, मैन्कोजेब 75% डब्ल्यूपी, कार्बेन्डाजिम 12+ मनको 63 डीपी और प्रोपीकोनाजोल 25% इसी उपलब्ध है।
मूषकनाशी- जनपद के कृषि रक्षा इकाईयों पर जिंक फास्फाइड 80% व्प उपलब्ध ह ।
खरपतवारनाशी खरपतवारनाशी की श्रेणी में एट्राजीन 50% व्प और मेटसल्पयूरान मिथाईल 20% व्प उपलब्ध है सल्फोसत्ययूशन 75 डब्ल्यूजी के प्राप्त होने के सम्बन्ध में निदेशालय स्तर से आश्वासन प्राप्त है
सूविधायें जो उपलब्ध हो जाएगी
सल्फोसत्ययूरान 75 % डब्ल्यूजी 50% अनुदान पर, फेरोमोन ट्रैप एवं येलो स्टिकी ट्रैप लाइट ट्रैप (प्रकाश प्रपंच) 75% अनुदान पर उपलब्ध होगा ।
कृषि रक्षा यन्त्र
कृषिच्या उपकरणों के अंतर्गत मानव चालित स्प्रेयर पर मूल्य का 50 प्रतिशत अनुदान अधिकतम 1500 रुपये और शक्ति चालित स्प्रेपर पर मूत्य का 50 प्रतिशत अनुदार अधिकतम 3000 रुपये देय है। साथ ही अन्न भंडारण हेतु वखारी पर मूल्य का 50 प्रतिशत अनुदान अधिकतम 2000 रुपये निर्धारित किया गया है। बखारी की अधिकतम क्षमता 5 गुंटल 24 मेज एवं आईएसआई मार्क का होना अनिवार्य है। सभी अनुदान की धनराशि डट के माध्यम से सीधे कृषकों के खातों में स्थानातरित की जाएगी।

