नीति आयोग ने देश भर के आकांक्षी जिलों में 5 मुख्य प्रदर्शन संकेतकों (KPI) और आकांक्षी ब्लॉकों में 6 मुख्य प्रदर्शन संकेतकों के सैचुरेशन को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करना है।
सैयदराजा विधायक सुशील सिंह की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम
कलेक्ट्रेट परिसर में लगे विभिन्न विभागों की योजनाओं के स्टालों का निरीक्षण कर देखा गया
पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट /चंदौली ब्यूरो चीफ दिवाकर राय
नीति आयोग ने आज 'संपूर्णता अभियान 2.0' का शुभारंभ किया गया। यह 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक चलने वाला 3 महीने का अभियान है, जिसका उद्देश्य देश भर के आकांक्षी जिलों में 5 मुख्य प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) और आकांक्षी ब्लॉकों में 6 मुख्य प्रदर्शन संकेतकों के सैचुरेशन को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करना है।
'संपूर्णता अभियान 2.0' का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में मा०विधायक सैयदराजा, सुशील सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग,अपर जिलाधिकारी रतन वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ वाई के राय, पी डी डीआरडीए,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा स्वागत गान,रंगोली तथा नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया गया।
इस संपूर्णता अभियान की नींव पर आगे बढ़ने का लक्ष्य रखा है। 3 महीने के 'संपूर्णता अभियान 2.0' आकांक्षी ब्लॉकों में निम्नलिखित 6 पहचाने गए केपीआई पर ध्यान केंद्रित करेगा।
आईसीडीएस कार्यक्रम के तहत नियमित रूप से पूरक पोषण लेने वाले 6 महीने से 6 वर्ष तक के बच्चों का शत- प्रतिशत हो, रिपोर्टिंग माह के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों की माप दक्षता, कार्यात्मक शौचालय वाले संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों शत प्रतिशत हो, पेयजल सुविधा सभी संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों पर शत प्रतिशत रहे, स्कूलों की कुल संख्या के सापेक्ष लड़कियों के लिए पर्याप्त शौचालय सुविधा स्कूलों का शत प्रतिशत रहे, टीकाकृत गोवंश (एफएमडी का टीकाकरण) का शत प्रतिशत सुनिश्चित हो।
'संपूर्णता अभियान 2.0' के तहत आकांक्षी जिलों के लिए पहचाने गए 5 प्रमुख केपीआई निम्नलिखित हैं :-
1.जन्म के समय वजन किए गए जीवित बच्चों का अनुपात शतप्रतिशत,
2.अनुमानित मामलों के सापेक्ष क्षय रोग (टीबी) मामले की अधिसूचना दर (सार्वजनिक और निजी संस्थान)।
3.उन आंगनवाड़ी केंद्रों/शहरी पीएचसी का प्रतिशत, जिन्होंने पिछले एक महीने में क्रमशः कम से कम एक ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य स्वच्छता और पोषण दिवस / शहरी स्वास्थ्य स्वच्छता और पोषण दिवस आयोजित किया है।
4.कार्यात्मक बालिका शौचालयों वाले स्कूलों का शत प्रतिशत।5. पशुओं का प्रतिशत टीकाकरण।
इस अभियान की गति को बनाए रखने और निरंतर भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए जिलों और ब्लॉकों को नियमित आउटरीच गतिविधियाँ संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
इस प्रयास को सफल बनाने और जमीनी स्तर पर ठोस प्रभाव डालने के लिए जिले/ब्लॉक दिए गए संकेतकों के शत-प्रतिशत लक्ष्य (सैचुरेशन) को प्राप्त करने के लिए 3 महीने का अभियान चलाया जा रहा है।
जिले/ब्लॉक हर महीने लक्ष्य प्राप्ति की प्रगति को ट्रैक करेंगे।जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन अभियान लागू करेंगे।
जिला स्तरीय अधिकारी निरंतर निगरानी के लिए फील्ड विजिट करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि मा विधायक सैयदराजा ने कहा कि वर्तमान समय में जनपद में स्वास्थ्य तथा शिक्षा बेहतर हो गई है इसी तरह अन्य पैरामीटर पर बेहतर कार्य करते हुए आकांक्षी जनपद से बाहर निकल कर विकसित जनपद में स्थान प्राप्त कर एक मॉडर्न जनपद के रूप में पहचान प्राप्त कर सके इस पर सम्बन्धित विभाग कार्यक्रम आयोजित कर शासन के मंशा को पूर्ण करें ।
उन्होंने उपस्थित शिक्षिकाओं तथा आंगनबाड़ी व आशा कार्यकत्रियों से बात चित कर कार्य को संपादित करने में आ रही परेशानियों से अवगत होते हुए उनकी समस्याओं के समाधान हेतु जिलाधिकारी से कहा जिसपर जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गए।
कार्यक्रम के दौरान मा विधायक सैयदराजा के द्वारा गोदभराई की रस्म पूरी कर विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया गया






