रविवार को जंतर-मन्तर पर उत्तर प्रदेश को विभाजित कर पूर्वांचल, बुंदेलखंड एवं पश्चिमांचल को पृथक राज्य बनाये जाने क़ी मांग फिर से जोर पकड़ने लगी है।
- खून से लिखी तख्ती लेकर राष्ट्रपति भवन क़ी ओर कूच कर रहे आंदोलनकारियों से पुलिस क़ी झड़प।
- बजट सेशन का हवाला दे पुलिस ने बल पूर्वक रोका
- लोकतान्त्रिक अधिकार का हनन बर्दाश्त नहीं: अनुज राही हिन्दुस्तानी
- खून से तख्ती लिखने वाले अपना खून भी बहाने को तैयार: प्रवीण पाण्डेय
- यूपी के विभाजन से ही खुलेगा भारत के विकास का रास्ता: कर्नल सुधीर चौधरी
नई दिल्ली : रविवार को जंतर-मन्तर पर उत्तर प्रदेश को विभाजित कर पूर्वांचल, बुंदेलखंड एवं पश्चिमांचल को पृथक राज्य बनाये जाने क़ी मांग फिर से जोर पकड़ने लगी है।
रविवार को पूर्वांचल राज्य जनांदोलन, बुंदेलखंड राष्ट्र समिति, पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा सहित कई संगठनों के सैंकड़ों कार्यकर्त्ता सुबह से ही जंतर मंतर पर एकत्र होने लगे, मौका था 'राष्ट्रीय राज्य पुनर्गठन परिसंघ' के बैनर तले उत्तर प्रदेश का पुनर्गठन कर पूर्वांचल, बुंदेलखंड एवं पश्चिमांचल को पृथक राज्य बनाये जाने क़ी मांग को लेकर खून से लिखी तख्तियाँ एवं ज्ञापन लिए जंतर मंतर से राष्ट्रपति भवन क़ी ओर कर्त्तव्य मार्च का।
प्रदर्शन कारी अपने अपने हाथों में अपने अपने राज्यों क़ी मांग के खून से लिखें स्लोगन क़ी तख्तियाँ लिए हुए पूरे जोश से नारे बाजी कर रहे थे। तय समय पर प्रदर्शनकारी पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुज राही हिन्दुस्तानी, बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण पाण्डेय, पश्चिम प्रदेश निर्माण समिति के केंद्रीय महासचिव कर्नल सुधीर चौधरी, बुंदेलखंड उत्सव समिति के अध्यक्ष राजन धमेरिया, पूर्वांचल कला संगम के अध्यक्ष सूरज निर्मल, पूर्वांचल छठ समिति के अध्यक्ष पंकज झा, बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के प्रदेश अध्यक्ष यज्ञेश गुप्ता, पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के मुख्य कार्यकारी संयोजक राजेश पाण्डेय 'विजेता', पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष सत्यपाल सिंह यादव आदि के नेतृत्व में जंतर मंतर से राष्ट्रपति भवन क़ी ओर कूच करने को आगे बढ़े लेकिन बमुश्किल 100 मीटर ही बढ़े रहे होंगे कि जंतर मंतर को घेर बैरिकेटिंग लगाए खड़ी पुलिस फोर्स ने उन्हें रोक दिया, वहां उपस्थित चौकी प्रभारी जीतेन्द्र कुमार ने प्रदर्शनकारियों को यह कहते हुए समझाने क़ी कोशिश करी कि बजट सत्र चलने के कारण आपको आगे जाने क़ी अनुमति नहीं दी जा सकती जिस पर प्रदर्शनकारी भड़क गये और बैरिकेटिंग तोड़ कर आगे जाने का प्रयास करने लगे वहीं कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पर चढ़ गये जिसके चलते प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई लेकिन पुलिस ने बल पूर्वक सभी को आगे जाने से रोक दिया जिसके बाद प्रदर्शनाकरी वहीं बैठ कर नारेबाजी करने लगे।
जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने समझा बुझा कर प्रदर्शनकरियों से इस आश्वासन के साथ ज्ञापन लिया कि ज्ञापन उचित माध्यम से राष्ट्रपति महोदया को पहुंचा दिया जाएगा।
इस मौके पर मीडिया से बात चीत करते हुए अनुज राही हिंदुस्तानी ने कहा कि पृथक पूर्वांचल राज्य क़ी मांग को लेकर व्यापक जनभावना जुड़ी हुई है जिसका सम्मान करना सरकार का संवैधानिक कर्तव्य है, हम पूर्वांचल क़ी जन भावना को आवाज दे रहे हैं और हमें राष्ट्रपति महोदया जो ज्ञापन देने जाने से रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रवीण पाण्डेय ने कहा कि खून से तख्ती लिखने वाले जरूरत पड़ने पर बुंदेलखंड के लिए अपना खून भी बहाने से भी पीछे नहीं हटेंगे, उन्होंने कहा कि जन भावना को संसद में उठाना जन प्रतिनिधियों क़ी जिम्मेदारी है लेकिन वो अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे, इस बजट सत्र के दौरान हम उनके आवास क़ी परिक्रमा लगा कर उनको उनकी जिम्मेदारी याद दिलाएंगे।
कर्नल सुधीर चौधरी ने कहा कि सरकार 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने क़ी बात कर रही है लेकिन हम सरकार से जानना चाहते हैं कि इसके लिए सरकार का रोड मैप कहाँ हैं, क्या कोई इसका ब्लू प्रिंट तैयार है, उन्होंने दावा किया कि विशालकाय राज्यों के पुनर्गठन के बिना भारत को विकसित राष्ट्र नहीं बनाया जा सकता।
मरू प्रदेश निर्माण मोर्चा के पदाधिकारी एडवोकेट जयंत मुंड ने कहा कि राजस्थान के मरू क्षेत्र में पर्यटन विकास क़ी अपार संभावनाएं हैं लेकिन इसके लिए विशेषीकृत नीतियों क़ी जरूरत है जो पृथक राज्य में ही सम्भव होंगी।



