बाल उत्सव से प्रतिभा को पहचानने में होती है आसानी

बाल उत्सव से प्रतिभा को पहचानने में होती है आसानी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में स्कूलों में बच्चों की अभिव्यक्ति को मंच (Platform) प्रदान करने की अनुशंसा की गयी है। 

बाल उत्सव से प्रतिभा को पहचानने में होती है आसानी

चंदौली। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में स्कूलों में बच्चों की अभिव्यक्ति को मंच (Platform) प्रदान करने की अनुशंसा की गयी है। उत्तर प्रदेश में परिषदीय उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में बच्चों में समता के भाव विकसित करने के साथ ही उनके सर्वांगीण विकास क्रॉस-लर्निंग स्पेस, खुली चर्चाओं और नए शैक्षिक तरीकों को खोजने, प्रतिभा दिखाने और छिपी हुई क्षमता का पता लगाने के अवसर उपलब्ध कराने हेतु मीना मंच विगत कई वर्षों से संचालित किया जा रहा है।

 यह मंच आत्म-सम्मान, जीवन कौशल और लैंगिक समानता पर सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और सार्थक बातचीत को सुविधाजनक बनाने के लिए एक मंच प्रदान करता है। राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देशानुसार "प्रगति-स्वाभिमान और सफलता की ओर-2.0" बाल उत्त्सव के आयोजन हेतु निर्देश प्रदाान किया गया है। 

उक्त कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ब्लाकों में संचालित सेल्फ एस्टीम तथा मीना मंच के अंतर्गत बच्चों के सपनों और आकांक्षाओं का जश्न मनाने और उन्हें पोषित करने का अवसर प्रदान करना तथा बच्चों में हुये बदलाव एवं सफलता मूलक प्रयासों को साझा करने हेतु एक मंच प्रदान करना है।

बाल उत्सव से प्रतिभा को पहचानने में होती है आसानी

 इस हेतु सर्वप्रथम ब्लाक स्तर पर चयनित 05 मॉडल मीना मंच विद्यालयों में कॉमिक बुक एवं अपने बदलाव की कहानी प्रतियोगिता में चयनित प्रति विद्यालय 02 प्रतिभागियों (01 कॉमिक बुक एवं 01 अपने बदलाव की कहानी) की दर से प्रति ब्लाक चयनित 10 प्रतिभागियों (05 कॉमिक बुक एवं 05 अपने बदलाव की कहानी) में से मास्टर ट्रेनर्स द्वारा जनपद स्तर पर प्रतिभाग करने हेतु 60 प्रतिभागी (30 कॉमिक बुक एवं 30 अपने बदलाव की कहानी) का चयन किया गया।

 चयनित बच्चों द्वारा जनपद स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया। इस दौरान 30 बच्चों द्वारा मीना मंच/सेल्फ इस्टीम एवं बालिका शिक्षा हेतु संचालित गतिविधियों से उनके अन्दर आए बदलाव की कहानी का वाचन किया गया। इसके साथ ही कॉमिक बुक हेतु चयिनत 30 बच्चों द्वारा जेण्डर स्टीरियोटाईप विषय पर पोस्टर निर्माण किया गया। 

निर्णायक मण्डल द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले कुल 10 प्रतिभागियों (05 कॉमिक बुक एवं 05 अपने बदलाव की कहानी) को मण्डल स्तर हेतु चयनित किया गया। जनपद स्तर पर चयनित बच्चों का विवरण निम्नलिखित हैः-

चयनित छात्र/छात्रा का नाम व विद्यालय का नाम

बदलाव की कहानी में
 1.कृपानन्द,उ०प्रा०वि० पटी, चहनियां
2.अदिति चौरसिया,उ०प्रा०वि० मथेला चहनियां
3.रुचि प्रजापति,कम्पोजिट विद्यालय भोड़सर, शहाबगंज,
4.तृषा गुप्ता,कम्पोजिट विद्यालय मुहम्मदपुर, शहाबगंज,
5.कृतिका विश्वकर्मा,उ०प्रा०वि० चकिया, चकिया। 

कॉमिक बुक / पोस्टर प्रतियोगिता में
1.पूजा,क०गां०बा०वि० चकिया
2. अनुष्का,कम्पोजिट विद्यालय सरने, नियामताबाद,
3. वर्षा,कम्पोजिट विद्यालय ठेकहों, शहाबगंज,
4. अभिषेक,उ०प्रा०वि० भगवानपुर, चहनियां
5. रुबीना,उ०प्रा०वि० मथेला चहनियां।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिकायल भारती, प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, सकलडीहा उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संयोजन श्रीमती अमिता श्रीवास्तव, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती अनिता कुमारी, जयप्रकाश, सुभाष यादव, एस०आर०जी०, श्रीमती वन्दना वर्मा, सुश्री अनुराधा आशुतोषपति त्रिपाठी सहित समस्त ब्लॉक नोडल बालिका शिक्षा यथा श्रीमती इन्दु श्रीवास्तव,  सुदामा, इरफान, श्रीमती रक्षारानी, श्रीमती विमला, सुनील केशरी उपस्थित रहे।

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