शनि जयंती के दिन शनि देव की पूजा से साढ़े साती और ढैया के कष्ट कम होते हैं। पढ़ें- पूरी पूजा विधि और ज्योतिषीय महत्व.
शनि जयंती 2026: तिथि, पूजा विधि और महत्व
शनि जयंती हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या को मनाई जाती है। यह दिन शनि देव के जन्मोत्सव के रूप में माना जाता है। इस दिन भक्त शनि देव की पूजा करके जीवन के कष्टों से मुक्ति और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
- शनि जयंती 2026 की तिथि
- तारीख: 16 मई 2026 (शनिवार)
- तिथि: ज्येष्ठ अमावस्या
शनि जयंती का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है। मान्यता है कि शनि देव व्यक्ति के कर्मों के अनुसार फल देते हैं।
- इस दिन पूजा करने से:
- शनि दोष से राहत मिलती है
- साढ़े साती और ढैया का प्रभाव कम होता है
- जीवन में सफलता और समृद्धि आती है
शनि जयंती पूजा विधि
सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें।शनि मंदिर या पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं।शनि देव को सरसों का तेल, काला तिल और काली उड़द अर्पित करें।शनि मंत्र और हनुमान चालीसा का पाठ करें।गरीबों और जरूरतमंदों को दान दें।शनि जयंती पर किए जाने वाले विशेष उपायपीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।काले तिल और काली उड़द का दान करें।लोहे की वस्तु दान करना शुभ माना जाता है।शनिवार के दिन शनि मंदिर में तेल चढ़ाएं।
निष्कर्ष
शनि जयंती का दिन शनि देव की कृपा पाने का विशेष अवसर माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और दान-पुण्य करने से जीवन की परेशानियां कम हो सकती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. शनि जयंती 2026 कब है?
शनि जयंती 2026 में 16 मई (शनिवार) को मनाई जाएगी।
2. शनि जयंती किस तिथि को होती है?
यह हर साल ज्येष्ठ अमावस्या को मनाई जाती है।
3. शनि जयंती पर क्या दान करना चाहिए?
काला तिल, काली उड़द, सरसों का तेल, लोहे की वस्तु और काले कपड़े दान करना शुभ माना जाता है।
4. शनि जयंती पर कौन सा मंत्र पढ़ना चाहिए?
“ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
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