कृषि में तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाना होगा : विकायल भारती

कृषि में तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाना होगा : विकायल भारती

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चंदौली के न्यू ऑडिटोरियम हाल में विकायल भारती, प्राचार्य की अध्यक्षता में दो दिवसीय कृषि प्रदर्शनी एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

कृषि में तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाना होगा : विकायल भारती

  • डायट चन्दौली में कृषि प्रदर्शनी एवं पर्यावरण संरक्षण का हुआ आयोजन
  •  मुख्य अतिथि  कृष्ण मोहन जी (पर्यावरणविद् ) एवं विशिष्ट अतिथि संतोष कुमार द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ  
  • कार्यक्रम में प्रथम स्थान नियामताबाद, द्वितीय स्थान सदर चंदौली एवं तृतीय स्थान नौगढ़ विकास खंड को मिला 

चंदौली : जनपद के शिक्षकों की रचनात्मकता, नवाचार और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चंदौली के न्यू ऑडिटोरियम हाल में विकायल भारती, प्राचार्य की अध्यक्षता में दो दिवसीय कृषि प्रदर्शनी एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

प्रथम दिवसीय आयोजन के अन्तर्गत परिषदीय विद्यालयों के प्राथमिक स्तर के शिक्षक, एकादमिक रिसोर्स पर्सन एवं डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। 

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  कृष्ण मोहन जी (पर्यावरणविद् ) एवं विशिष्ट अतिथि संतोष कुमार द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 

इस अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा पर्यावरणीय समस्याएं एवं बढ़ती जनसंख्या से कृषि के क्षेत्र में चुनौतियां बढ़ रही हैं। लेकिन हमें भारतीय संस्कृति में वर्णित पर्यावरण संरक्षण के उपाय को गंभीरता में लेते हुए कृषि में तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाना होगा।  लोगों को  संयमित दिनचर्या, संतुलित आहार प्रणाली एवं स्वस्थ जीवन शैली को अपनाना होगा। साथ ही वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा को आत्मसात करते हुए भारत को आगे बढ़ाना होगा। 


कृषि में तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाना होगा : विकायल भारती

 
 इस मौके पर डॉ० जितेन्द्र सिंह (प्रवक्ता) ने भारतीय कृषि में तकनीकी एवं संस्थागत उपायों पर चर्चा करते हुए कृषि में नवीन तकनीक, भौगोलिक संकेतक, खाद्य प्रसंस्करण, किसान कल्याण हेतु प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, खाद्य प्रबंधन एवं हरित क्रान्ति, कृषि स्टार्टअप के क्षेत्रीय वितरण, कृषि में नवाचार की प्रगति पर आधारित व्याख्यान दिया गया। 


डायट स्तर पर गठित निर्णायक मंडल सदस्य लिली श्रीवास्तव, डॉ मंजु कुमारी, डॉ अजहर सईद ने सभी प्रतिभागियों और विकासखंड के स्टॉल का भ्रमण कर मूल्यांकन किया जिसके अनुसार प्रथम स्थान नियामताबाद, द्वितीय स्थान सदर चंदौली एवं तृतीय स्थान नौगढ़ विकासखंड को प्राप्त हुआ। 

कार्यक्रम के नोडल प्रवीण कुमार राय ने बताया कि प्रथम दिवसीय कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने अपने-अपने मॉडल और शिक्षण सामग्री के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, जल संरक्षण तथा सतत विकास के संदेश प्रस्तुत किए। 

प्रतिभागियों द्वारा मुख्यतः स्थानीय व्यंजन, मिष्ठान, सोहन हलवा, फसलों के बीज, कृषिगत उपकरण, विविध पुष्प, के साथ पर्यावरण संरक्षण की तकनीक आधारित विविध विषय वस्तु का प्रदर्शन किया गया। 

डॉ रोशन कुमार सिंह द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन वाले विकासखंड को शील्ड देकर पुरस्कृत किया गया। अंत में नोडल प्रवीण राय द्वारा सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। 

इस अवसर पर जयंत कुमार सिंह, केदार सिंह यादव, डॉ स्वाति राय, लिली श्रीवास्तव, डॉ मंजु कुमारी, इंदू श्रीवास्तव, एआरपी संजय सिंह, अनुराधा कुमारी, प्रवीण, वंदना वर्मा, स्वाती सिंह, नीलम तिवारी, सुरेखा केशरवानी, प्रिया रघुवंशी, इरा सिंह आदि ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के अंत में  सभी शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के नवाचारी शैक्षिक कार्यक्रमों के आयोजन पर बल दिया गया। 

आयोजन से न केवल शिक्षकों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया, बल्कि शिक्षा को व्यवहारिक और रोचक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी सिद्ध हुआ। 
 
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