सकलडीहा बार एसोसिएशन के अतुल तिवारी अध्यक्ष, धरणीधर तिवारी उपाध्यक्ष, श्याम जी प्रसाद सहित अन्य नव निर्वाचित पदाधिकारियों एसडीएम ने शपथ दिलाई।
- अधिवक्ता समाज को तोड़ने की साजिश को सफल नहीं होने दूंगा : अध्यक्ष अतुल तिवारी
- सिर्फ बुद्धिजीवी वर्ग को सम्मान चाहिए : शिव कुमार सिंह
- शपथ ग्रहण समारोह में शामिल एक अधिवक्ता ने अपने दिल के दर्द को किया बयां
चंदौली। सकलडीहा तहसील में नाटकीय तरीके से हुए बार एसोसिएशन चुनाव का शपथ ग्रहण समारोह उप जिला अधिकारी सकलडीहा कुंदन राज कपूर ने अतुल तिवारी अध्यक्ष, धरणीधर तिवारी उपाध्यक्ष, श्याम जी प्रसाद कनिष्ठ उपाध्यक्ष, अरविंद कुमार कोषाध्यक्ष,राजेश यादव पुस्तकालय मंत्री सहित राजेश्वर सिंह, सुरेंद्र कांत मिश्र,उदय प्रताप सिंह, कन्हैया लाल, प्रभु नाथ पाठक, राजेंद्र यादव, पूर्णिमा चौहान को भी शपथ दिलाकर समारोह को संपन्न कराया।
सकलडीहा बार एसोसिएशन के नवनियुक्त अध्यक्ष अतुल तिवारी ने शपथ ग्रहण के बाद अपने उद्बोधन में कहा की अधिवक्ताओं के दिलों में फूट डालने वाले लोगों को किसी भी सूरत में उनकी मनसा को पूर्ण नहीं होने दूंगा। चाहे जिस तरह से, जहां जाना होगा जाऊंगा। अधिवक्ता एकता को जिंदाबाद रखूंगा।इन अराजक तत्वों से हम कभी हार नहीं मानेंगे।
वरिष्ठ अधिवक्ता संजय श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में शपथ ग्रहण समारोह को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होते देखकर बहुत ही साराहा और उन्होंने कहा कि हम कानून पढ़ते हैं कानून से हम ऊंचे नहीं है कानून सबके लिए है। ऐसी स्थिति में बार को बचा के रखना, बार में फूट डालना यह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता शोभनाथ यादव ने माइक पकड़ते ही अपने दिल के दर्द को शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित वकीलों के सामने रखा ,कहा की बार किसी की बपौती नहीं है। बार में अपने आप को ही सब कुछ समझ लेना ठीक नहीं है।अभी हुए चुनाव में हमको अपना पैसा देकर फॉर्म भरवारा गया था और मुझे कहा गया था। कि आप को अध्यक्ष बनाएंगे लेकिन बाद में पूछा गया कि आपने कितना सदस्य बनाया है ।
आखिर क्यों जब हमारे यहां के अधिवक्ता वोट नहीं डाल पाएंगे तो निर्विरोध चुनाव करके अपने आप ही अध्यक्ष महामंत्री हो गए तो उसमें क्या बुरा हुआ । कम से कम उनके अंदर शालीनता तो है उन्होंने बार के नियमों का पालन किया है।जो वर्तमान अध्यक्ष अशोक यादव हुए हैं वह अपने आप को दूसरी बार लगातार अध्यक्ष पद पर चुने गए हैं जबकि बार के नियम के अनुसार ऐसा नहीं होना चाहिए। इन सब बातों को लेकर बार एसोसिएशन दो भाग में हो गया।जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए।
अतुल तिवारी के साथ पचासी परसेंट अधिवक्ता हैं. इसमें दो राय नहीं है। सकलडीहा के अधिवक्ता को सदस्य बनाया गया।लेकिन यह वोट नहीं डाल पाए आखिर क्यों।तो दो-चार लोग जो है बार को अपनी जागीर समझ बैठे हैं।तो ऐसा नहीं होगा 14 तारीख को इलाहाबाद में जो होने वाला है उसका लोगों ने इंतजार नहीं किया।इसमें चुनाव कराने की जरूरत क्यों थी 14 का इंतजार किए होते उसके बाद वहां से जो निर्णय आता देखा जाता।
यहां उन लोगों से नाराज अधिवक्ताओं ने तो निर्विरोध अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का चुनाव किया था तो आज शपथ ग्रहण भी हो रहा है। तो कोई हर्ज नहीं है।यह बार का उल्लंघन ही नहीं है बार का उल्लंघन तो जिसने चुनाव कराया है उसने किया है। मैं इन लोगों की मानसिकता को जान गया हूं।ऐसी स्थिति में मुझे उनका साथ छोड़ने में कोई हर्ज नहीं है। बार को अपनी बपौती समझने वालों से दूर रहना ठीक है।हमको तो बार कौंसिल का निर्णय देखना है।
इस अवसर पर जगदीश सिंह, अजय सिंह,कुबेर सिंह,संजय सिंह,दुर्गेश सिंह,रेनू यादव इत्यादि अधिवक्ता उपस्थित रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता राम जी सिंह ने किया। शिव गोविंद सिंह ने सराहना की । संचालन शैलेंद्र पांडे कवि ने किया।

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