प्राचीन काल में लोग अच्छी जीवनशैली अपनाते थे, सूर्यास्त के साथ सोते थे और सूर्योदय से पहले उठते थे। आधुनिक समय में ऐसी जीवनशैली का पालन करना बहुत मुश्किल है।
हेल्थ टिप्स : प्राचीन काल में लोग अच्छी जीवनशैली अपनाते थे, सूर्यास्त के साथ सोते थे और सूर्योदय से पहले उठते थे। आधुनिक समय में ऐसी जीवनशैली का पालन करना बहुत मुश्किल है, लेकिन जीवनशैली को नियंत्रित किया जा सकता है। रात को जल्दी सोने की कोशिश करें।
नींद के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे
अच्छी नींद के बाद सुबह उठना और तरोताज़ा महसूस करना एक अद्भुत एहसास होता है, लेकिन अनियमित जीवनशैली और खान-पान में लापरवाही के कारण आजकल बहुत से लोग अच्छी नींद नहीं ले पाते हैं। ऐसे में अगर आप भी रात में बिस्तर पर आराम से सोने की कोशिश कर रहे हैं, तो कुछ आयुर्वेदिक नुस्खे आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इंदौर स्थित अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय के डॉ. अखिलेश भार्गव इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
प्राचीन काल में लोग अच्छी जीवनशैली अपनाते थे, सूर्यास्त के साथ सोते थे और सूर्योदय से पहले उठते थे। आधुनिक समय में ऐसी जीवनशैली का पालन करना बहुत मुश्किल है, लेकिन जीवनशैली को नियंत्रित किया जा सकता है। रात को जल्दी सोने की कोशिश करें।
रात का खाना
रात में बहुत ज़्यादा वसायुक्त भोजन नहीं करना चाहिए। शाम 6 बजे के बाद खाने से बचें। सोने से 3 घंटे पहले भोजन कर लेना चाहिए। रात में हल्का भोजन ही करें। रात को सोते समय पर्याप्त पानी पिएं।
मोबाइल, टीवी से दूर रहें
रात को सोने से दो घंटे पहले मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर आदि का इस्तेमाल न करें। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निकलने वाली नीली रोशनी आँखों के लिए बेहद हानिकारक होती है। सोने से पहले मोबाइल को दूर रखना चाहिए।
बाईं करवट सोना
आयुर्वेद के अनुसार, अच्छी नींद के लिए हमेशा बाईं करवट सोना चाहिए। बाईं करवट सोने से सीने में जलन नहीं होती और पाचन संबंधी शिकायतें भी दूर होती हैं। इसके अलावा, खर्राटों की समस्या से भी राहत मिलती है।

