MSME Loan Rule 2026: भारतीय रिजर्व बैंक ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSE) के लिए बिना गारंटी वाले ऋण की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी है। यह फैसला अप्रैल से प्रभावी होगा, जिससे छोटे उद्यमियों को अधिक क्रेडिट मिलेगा। क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट इन ऋणों की गारंटी देगा। इसका उद्देश्य दूरदराज के उद्यमियों तक पहुंचना है, जिससे उन्हें वैश्विक चुनौतियों के बीच कार्यशील पूंजी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
HighLights :-
RBI ने बिना गारंटी लोन सीमा 10 से 20 लाख की
यह फैसला अप्रैल से प्रभावी, छोटे उद्यमियों को मिलेगा लाभ
क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट ऋणों की गारंटी प्रदान करेगा
पूर्वांचल न्यूज प्रिंट / नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकों के लिए माइक्रो एंड स्माल इंटरप्राइजेज (MSE) को गिरवी मुक्त या बिना किसी गारंटी के लोन देने की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया है।
बीते दिनों आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि छोटे उद्यमियों को अधिक क्रेडिट की जरूरत है। इस साल अप्रैल के बाद एमएसएमई (MSME) को दिए जाने वाले लोन पर आरबीआइ का यह फैसला प्रभावी होगा।
क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फार माइक्रो एंड स्माल इंटरप्राइजेज लोन लेने वाले उद्यमियों की गारंटी लेगा। इस क्रेडिट की सुविधा को दूरदराज में स्थित छोटे उद्यमियों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। वर्ष 2010 में एसएमई के गारंटी मुक्त लोन की सीमा पांच लाख से बढ़कार 10 लाख की गई थी।
गत एक फरवरी को पेश बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एमएसएमई को क्रेडिट सुविधा बढ़ाने और उनके लिए अलग से एक 10,000 करोड़ रुपये का फंड बनाने की भी घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि देश के निर्यात में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी एमएसएमई की है।
वैश्विक चुनौतियों की वजह से दिक्कत
वैश्विक चुनौतियों की वजह से कई सेक्टर के निर्यातक दिक्कत में है। ऐसे में इस घोषणा से छोटे उद्यमियों को अपनी कार्यशील पूंजी के प्रवाह बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि आरबीआइ की इस घोषणा पर स्माल इंडस्ट्री ने बताया कि इससे मुख्य रूप से माइक्रो श्रेणी के उद्यमियों को मदद मिलेगी।
स्माल इंडस्ट्री के लिए कम से कम 50 लाख तक का लोन गारंटी मुक्त किया जाना चाहिए। उद्यमियों ने बताया कि सब कुछ बैंक पर निर्भर करता है क्योंकि कई बार सरकार या आरबीआइ के निर्देश के बाद भी बैंक आसानी से बिना गारंटी के लोन नहीं देते हैं।
RBI के फैसले पर क्या बोले अर्थशास्त्री?
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि, "आरबीआई का यह फैसला बजट में एमएसएमई को लेकर की गई घोषणा को आगे बढ़ाएगा। गारंटी मुक्त लोन की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करना बजट के अनुरूप ही है।"

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