अधूरी मोहब्बत का खौफनाक सच: रात 12 बजे कब्रिस्तान में आज भी मिलते हैं प्रेमी-प्रेमिका !

अधूरी मोहब्बत का खौफनाक सच: रात 12 बजे कब्रिस्तान में आज भी मिलते हैं प्रेमी-प्रेमिका !

एक गांव में अधूरी रह गई प्रेम कहानी आज भी लोगों को डरा देती है। कहा जाता है कि हर अमावस्या की रात कब्रिस्तान में एक लड़की और लड़का एक-दूसरे से मिलने आते हैं। पढ़िए पूरी डरावनी प्रेम कहानी।

अधूरी मोहब्बत का खौफनाक सच: रात 12 बजे कब्रिस्तान में आज भी मिलते हैं प्रेमी-प्रेमिका !
अधूरी मोहब्बत का खौफनाक सच: रात 12 बजे कब्रिस्तान में आज भी मिलते हैं प्रेमी-प्रेमिका !



अधूरी मोहब्बत की डरावनी दास्तान

उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव में आरव और सिया नाम के दो प्रेमी रहते थे। दोनों बचपन से एक-दूसरे को चाहते थे। उनका प्यार सच्चा था, लेकिन गांव वालों को उनका रिश्ता मंजूर नहीं था।

सिया एक अमीर परिवार की लड़की थी और आरव गरीब किसान का बेटा। जब दोनों के प्रेम की बात गांव में फैली तो सिया के परिवार वालों ने उसे घर में कैद कर दिया।

लेकिन प्यार को कौन रोक सकता है।

एक रात दोनों ने भागकर शादी करने का फैसला किया।


इस फोटो को ग्रो ने बनाया है। 



अमावस्या की रात हुआ भयानक हादसा

उस रात अमावस्या थी। चारों तरफ घना अंधेरा और तेज हवाएं चल रही थीं।

सिया चुपके से घर से निकलकर गांव के पुराने कब्रिस्तान के पास आरव का इंतजार करने लगी।

कुछ देर बाद आरव भी वहां पहुंच गया। दोनों एक दूसरे से मिले और भागने की तैयारी करने लगे।

लेकिन तभी सिया के परिवार वाले वहां पहुंच गए।

गुस्से में उन्होंने आरव को इतना पीटा कि वहीं उसकी मौत हो गई।

सिया यह सदमा सह नहीं पाई और उसी रात कब्रिस्तान के पेड़ से फांसी लगा ली।


इस फोटो को ग्रो ने बनाया है। 



आज भी दिखते हैं दोनों के साये

गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि उस घटना के बाद से हर अमावस्या की रात 12 बजे कब्रिस्तान के पास अजीब आवाजें सुनाई देती हैं।

कई लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने वहां एक लड़की को सफेद कपड़ों में रोते हुए देखा है और उसके पास एक लड़का खड़ा रहता है।

कहा जाता है कि दोनों की आत्माएं आज भी एक-दूसरे से मिलने आती हैं।


गांव वालों का दावा

गांव के कुछ लोगों का कहना है कि जो भी अमावस्या की रात वहां जाता है, उसे किसी के रोने की आवाज जरूर सुनाई देती है।

कई लोगों ने यह भी बताया कि वहां मोबाइल कैमरा काम करना बंद कर देता है।

इस वजह से गांव के लोग आज भी रात में उस कब्रिस्तान के पास जाने से डरते हैं।


इस फोटो को ग्रो ने बनाया है। 



निष्कर्ष

यह कहानी सच है या सिर्फ एक डरावनी दास्तान — इसका कोई पक्का सबूत नहीं है।

लेकिन गांव के लोगों का कहना है कि अधूरी मोहब्बत की आत्माएं कभी शांत नहीं होतीं।


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