उत्तर प्रदेश में मौसम के तेवर तल्ख, वाराणसी-चंदौली सहित 32 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मौसम के तेवर तल्ख, वाराणसी-चंदौली सहित 32 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

राज्य के वाराणसी, चंदौली सहित 32 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें कुछ इलाकों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' भी शामिल है।

उत्तर प्रदेश में मौसम के तेवर तल्ख, 32 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
Weather Update

लखनऊ / पूर्वांचल न्यूज प्रिन्ट : उत्तर प्रदेश में 'लू' का प्रचंड प्रहार: 32 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, पारा 45°C के पार जाने की आशंकाउत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लखनऊ मौसम केंद्र के अनुसार, अगले 25 अप्रैल तक किसी भी राहत की उम्मीद नहीं है। 

रिकॉर्ड तोड़ तापमान: प्रयागराज वर्तमान में राज्य का सबसे गर्म जिला बना हुआ है, जहां पारा 44.4°C से 44.6°C के बीच दर्ज किया गया है, जो सामान्य से लगभग 5 डिग्री अधिक है। इसके अलावा बांदा और सुल्तानपुर में भी तापमान 44 डिग्री के करीब पहुंच चुका है।

'फील्स लाइक' गर्मी (Heat Index): मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मिर्जापुर, भदोही, कुशीनगर और देवरिया जैसे जिलों में 'हीट इंडेक्स' (ताप सूचकांक) 40°C से 50°C के बीच महसूस किया जा सकता है। यानी वास्तविक तापमान से कहीं ज्यादा जलन महसूस होगी।गर्म रातों का अलर्ट (Warm Nights): केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी झुलसाने वाली होंगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 'वार्म नाइट' का अलर्ट है, जहां न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2-3 डिग्री ऊपर रहेगा।

स्कूलों के समय में बदलाव: भीषण गर्मी को देखते हुए कई जिलों (जैसे वाराणसी और प्रयागराज) में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। प्रशासन ने दोपहर 12 बजे के बाद बच्चों की आवाजाही कम करने की सलाह दी है।

जिलों की सूची और चेतावनी का स्तर

जोन,प्रभावित जिले,चेतावनी का प्रकार

  • पूर्वी यूपी : प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र",भीषण लू (Severe Heatwave)
  • तराई क्षेत्र : "श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर",लू और उमस (Hot & Humid)
  • मध्य यूपी :"लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, रायबरेली",लू (Heatwave Alert)
  • बुंदेलखंड/अन्य : "बांदा, चित्रकूट, पीलीभीत, शाहजहांपुर",तीखी धूप और गर्म हवाएं

क्यों हो रहा है ऐसा?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पश्चिम भारत से आने वाली शुष्क और गर्म हवाओं (Loo) का प्रभाव बढ़ गया है। साथ ही, किसी भी सक्रिय 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' के न होने के कारण बारिश की कोई संभावना नहीं दिख रही है, जिससे आसमान साफ है और सूरज की किरणें सीधे धरती को तपा रही हैं।

सावधानी और बचाव के उपाय
दोपहर 12 से 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।शरीर में पानी की कमी न होने दें; नींबू पानी, ओआरएस (ORS), और छाछ का सेवन करें।बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े या टोपी से ढंककर रखें।खेतों में काम करने वाले किसान भाई सुबह जल्दी या शाम के वक्त काम निपटाने की कोशिश करें।

विशेष नोट: मौसम विभाग के अनुसार, 26 अप्रैल के बाद ही बादलों की आवाजाही से तापमान में 1-2 डिग्री की आंशिक गिरावट संभव है, लेकिन तब तक स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रहेगी।क्या आपके जिले में प्रशासन ने स्कूलों या कामकाजी घंटों को लेकर कोई नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके बारे में आप जानना चाहते हैं


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