समाज सेवा के अनोखे तरीके से लोगों की जिंदगी बदलने वाले चंदौली के दुर्गेश सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं।
- समाज सेवा के अनोखे तरीके से लोगों की जिंदगी बदलने वाले चंदौली के दुर्गेश सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं
चंदौली / मुगलसराय : समाज सेवा के अनोखे तरीके से लोगों की जिंदगी बदलने वाले चंदौली के दुर्गेश सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। मुगलसराय स्थित गुलमर्ग होटल में आयोजित जागरण समूह के एक भव्य इवेंट में उन्हें ‘शिरोमणि सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इस दौरान उनकी कार्यशैली और सोच ने वहां मौजूद बुद्धिजीवी वर्ग को भी हैरान कर दिया।
इवेंट में छाए दुर्गेश सिंह
कार्यक्रम में करीब 15-16 लोगों को सम्मानित किया गया, लेकिन दुर्गेश सिंह अपनी अलग पहचान के कारण सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। जिला प्रशासन के DM Chandra Mohan Garg - CDO Chandauli वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों ने उनके व्यक्तित्व और समाज सेवा के प्रति समर्पण की जमकर सराहना की।
“भिक्षाटन नहीं, सेवा का मिशन है”
दुर्गेश सिंह का कहना है—
“मेरा लक्ष्य सिर्फ एक है, गरीब और जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना।”
वे भिक्षाटन को एक मिशन मानते हैं, जिसके जरिए जुटाई गई राशि पूरी तरह गरीब बच्चों और जरूरतमंद परिवारों पर खर्च की जाती है।
गरीब बेटियों और बच्चों के लिए मसीहादुर्गेश सिंह पिछले कई वर्षों से समाज सेवा में सक्रिय हैं। उनके प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:200 से अधिक बालिकाओं को साइकिल देकर शिक्षा से जोड़ना100+ गरीब बच्चों का स्कूल में दाखिला11 जरूरतमंद बेटियों की शादी कराना12 बार रक्तदानइसके अलावा वे दूर-दराज से पढ़ने आने वाली गरीब छात्राओं को भी हर संभव सहायता प्रदान करते हैं।
2014 से शुरू किया अनोखा अभियान
चंदौली के आवाज़ापुर गांव में जन्मे दुर्गेश सिंह ने वर्ष 2014 में भिक्षाटन के जरिए समाज सेवा की शुरुआत की। शुरुआत में लोगों ने उनका मजाक उड़ाया, लेकिन उनके दृढ़ संकल्प और ईमानदारी ने धीरे-धीरे इस पहल को एक जनआंदोलन में बदल दिया।
वे रेलवे स्टेशन, बाजार, चौक-चौराहों पर जाकर लोगों से सहयोग लेते हैं और उस धन को जरूरतमंदों तक पहुंचाते हैं।
समाज और प्रशासन से मिला सम्मान
दुर्गेश सिंह के कार्यों को कई बार सम्मानित किया जा चुका है।
- जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा सम्मान
- राज्यपाल द्वारा सम्मान (2021)
- विभिन्न सामाजिक संगठनों से प्रशंसा
- नौगढ़ में भी फैलाई शिक्षा की अलख
आदिवासी बाहुल्य नौगढ़ क्षेत्र में उन्होंने शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रेरणा बन चुके हैं दुर्गेश सिंह
आज दुर्गेश सिंह केवल एक नाम नहीं, बल्कि समाज सेवा की एक मिसाल बन चुके हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो सीमित संसाधनों में भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।



