UP में सालाना ट्रांसफर पॉलिसी की डेडलाइन खत्म हो गई है, जिससे ग्रुप A और B के ट्रांसफर के लिए अब मुख्यमंत्री की मंजूरी की ज़रूरत होगी।
लखनऊ। राज्य सरकार की सालाना ट्रांसफर पॉलिसी 2026-2027 के तहत ट्रांसफर पीरियड के आखिरी दिन रविवार को सरकारी हेडक्वार्टर और डिपार्टमेंट में देर रात तक ट्रांसफर प्रोसेस आसानी से चलता रहा।
छुट्टी के बावजूद ज़्यादातर डिपार्टमेंट के ऑफिस खुले रहे, और अधिकारियों ने पूरा दिन पेंडिंग प्रपोज़ल को फाइनल करने में बिताया। कई डिपार्टमेंट ने देर रात तक अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रांसफर ऑर्डर जारी किए।
डेडलाइन से पहले ज़्यादा से ज़्यादा ट्रांसफर लिस्ट तैयार करने के लिए डिपार्टमेंट के मंत्री, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी और प्रिंसिपल सेक्रेटरी लेवल पर मीटिंग और फाइल रिव्यू जारी रहे।
कई डिपार्टमेंट में ट्रांसफर लिस्ट को फाइनल करने और मंजूरी लेने का प्रोसेस देर रात तक चलता रहा। बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपनी ट्रांसफर लिस्ट जारी करवाने की कोशिश में दिन बिताया।
ट्रांसफर पॉलिसी में तय समय खत्म होने के बाद अब जनरल ट्रांसफर रोक दिए गए हैं। ट्रांसफर का समय खत्म होने के बाद ग्रुप A और B के कर्मचारियों के ट्रांसफर डिपार्टमेंट के मंत्री के ज़रिए मुख्यमंत्री की मंज़ूरी मिलने के बाद ही हो सकेंगे। अब मुख्यमंत्री की मंज़ूरी के बिना ट्रांसफर नहीं हो सकेंगे।
स्टेट टैक्स डिपार्टमेंट में 15 जून तक हो सकेंगे ट्रांसफर
राज्य सरकार ने स्टेट टैक्स डिपार्टमेंट को ट्रांसफर पूरे करने के लिए 15 दिन का और समय दिया है। अब 15 जून तक ट्रांसफर हो सकेंगे। जॉइंट सेक्रेटरी धर्मेंद्र मिश्रा ने रविवार शाम को यह ऑर्डर जारी किया। स्टेट टैक्स कमिश्नर ने ट्रांसफर पूरे करने के लिए सरकार से 15 दिन का समय मांगा था।

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