तहसील कर्नलगंज परिसर के गेट पर चस्पा किए गए विवादित पोस्टरों ने गुरुवार को प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया।
गोण्डा। तहसील कर्नलगंज परिसर के गेट पर चस्पा किए गए विवादित पोस्टरों ने गुरुवार को प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया। पोस्टरों में राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सुबह तहसील आने-जाने वाले लोगों की नजर जैसे ही इन पोस्टरों पर पड़ी, वहां भीड़ जुटनी शुरू हो गई। देखते ही देखते पोस्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं और पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
तहसील गेट पर लगाए गए पहले पोस्टर में बड़े अक्षरों में लिखा गया है—“चूना लगाते हैं, दलाली नहीं करते हैं”।
इसके नीचे लिखा गया है—
“दिनांक 16.12.2025 को राजस्व टीम सकरौरा ग्रामीण गई थी जिसमें सकरौरा ग्रामीण के कानूनगो रामबहादुर पाण्डेय व सकरौरा ग्रामीण के लेखपाल विकास सिंह व अन्य चार और लेखपाल जालसाजी करने के लिए गए थे। गाटा सं0 1797 स्थित ग्राम सकरौरा ग्रामीण। जनहित में जारी।” वहीं दूसरे पोस्टर में शीर्षक के रूप में लिखा गया—“सूचना– जनहित में जारी”।
इसके नीचे दिनांक 12/08/2024 अंकित करते हुए लिखा गया है— “राजस्व विभाग मनीष कुमार तहसीलदार व राम बहादुर पाण्डेय कानूनगो व रमेशचन्द्र गौतम लेखपाल गाटा सं0 1797 स्थित आराजी भूमि सकरौरा ग्रामीण तहसील कर्नलगंज जनपद गोण्डा, जालसाजी करने के लिए गए थे।” इसके नीचे एक और पंक्ति लिखी गई है—“रामबहादुर पाण्डेय, कानूनगो जालसाजी में नम्बर 1”।
पोस्टरों में लगाए गए आरोपों को लेकर तहसील परिसर में दिनभर चर्चाओं का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों के बीच मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे प्रशासनिक छवि धूमिल करने की साजिश बताया, जबकि कई लोगों ने आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया।
एसडीएम कर्नलगंज नेहा मिश्रा ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक तहसील परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि पोस्टर लगाने वालों की पहचान की जा सके। साथ ही पोस्टरों में लगाए गए आरोपों की सत्यता की भी जांच कराई जाएगी। एसडीएम ने कहा कि सरकारी परिसर में इस तरह के विवादित पोस्टर लगाना गंभीर मामला है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पोस्टरों को हटवा दिया गया है, लेकिन पूरे तहसील क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और राजस्व अधिकारियों,कर्मचारियों की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
