गोरखपुर में आयोजित Shiksha Mitra Samman Samaroh में CM योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों को “Trade Union Thinking” से दूर रहने और constructive dialogue अपनाने की सलाह दी। उन्होंने honorarium increase और शिक्षा सुधारों पर भी प्रकाश डाला।
- Honorarium Hike: Shiksha Mitra का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000, सरकार का बड़ा फैसला
- Middlemen Exploitation पर CM का हमला, Education System में Reforms और ‘School Chalo Abhiyan’ की सफलता पर जोर
पूर्वांचल न्यूज प्रिंट / गोरखपुर : यहां आयोजित Shiksha Mitra Samman Samaroh में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों को बड़ा संदेश देते हुए कहा कि उन्हें “Trade Union Mindset” से दूर रहकर सकारात्मक (Positive) और रचनात्मक (Constructive) दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि Shiksha Mitra की मांगें वर्षों से लंबित थीं, लेकिन उन्हें टकराव (Conflict) के बजाय Dialogue और Negotiation के माध्यम से आगे बढ़ाया जाना चाहिए था। CM ने स्पष्ट किया कि सरकार हमेशा समाधान (Solution-Oriented Approach) के पक्ष में रही है।
इस अवसर पर राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए शिक्षामित्रों का Honorarium ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह कर दिया, जिससे लाखों परिवारों को राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने बिना उचित प्रक्रिया (Due Process) के Shiksha Mitra को Assistant Teacher बनाने की कोशिश की, जिसे बाद में Supreme Court of India ने खारिज कर दिया। इसके चलते बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों की नौकरी पर संकट आ गया था।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में उनकी सरकार ने Honorarium ₹3,500 से बढ़ाकर ₹10,000 किया और अब इसे बढ़ाकर ₹18,000 किया गया है।
CM योगी ने यह भी आरोप लगाया कि अतीत में कुछ Middlemen (बिचौलियों) ने Shiksha Mitra का शोषण (Exploitation) किया, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ा।
Education Reforms और Student Welfare
मुख्यमंत्री ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हुए सुधारों का जिक्र करते हुए बताया कि अब सरकारी स्कूलों में Basic Facilities जैसे Drinking Water, Toilets और Security सुनिश्चित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि लगभग 1.6 करोड़ छात्रों को Uniform, School Bag, Books, Shoes, Socks और Sweater जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, जिससे Enrollment Rate में वृद्धि हुई है।
School Chalo Abhiyan Impact
CM ने “School Chalo Abhiyan” की सफलता पर जोर देते हुए कहा कि इसके पहले चरण में ही 20 लाख से अधिक बच्चों का Enrollment हुआ है। उन्होंने Dropout Rate को एक गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि हर बच्चे की शिक्षा सुनिश्चित करना समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है।
❓ FAQ (Frequently Asked Questions)
Q1. Shiksha Mitra का नया मानदेय कितना हुआ?
👉 ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह किया गया है।
Q2. CM योगी ने Shiksha Mitra को क्या सलाह दी?
👉 Trade Union Mindset छोड़कर Positive Approach और Dialogue अपनाने की सलाह दी।
Q3. Supreme Court का क्या फैसला था?
👉 Supreme Court of India ने पूर्व सरकारों द्वारा बिना प्रक्रिया नियुक्तियों को रद्द कर दिया था।
Q4. School Chalo Abhiyan में कितने बच्चों का नामांकन हुआ?
👉 पहले चरण में 20 लाख से अधिक बच्चों का Enrollment हुआ।
Q5. सरकार छात्रों को कौन-कौन सी सुविधाएं दे रही है?
👉 Uniform, Books, Shoes, School Bag, Sweater आदि।
निष्कर्ष (Conclusion)
CM योगी आदित्यनाथ का यह बयान स्पष्ट करता है कि UP Government शिक्षा व्यवस्था में सुधार (Education Reform) और Shiksha Mitra के हितों के बीच संतुलन बनाना चाहती है। Honorarium बढ़ाने के साथ-साथ सरकार Positive Thinking, Dialogue और Systematic Approach पर जोर दे रही है, जो लंबे समय में Education Sector को मजबूत करेगा।

