SBSP के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल जनता के हितों से ज्यादा अपने राजनीतिक हितों की चिंता में डूबे हुए हैं।
लखनऊ/पूर्वांचल न्यूज प्रिंट।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर ने समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की राजनीतिक स्थिति आज "सांप-छछूंदर" जैसी हो गई है, जहां न तो वे पूरी तरह गठबंधन की राजनीति छोड़ पा रहे हैं और न ही सहयोगी दलों का भरोसा हासिल कर पा रहे हैं।
अरुण राजभर ने अपने बयान में कहा कि सपा प्रमुख जबरदस्ती इंडिया गठबंधन की बैठकों में शामिल होने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि अब कई विपक्षी दल उन्हें अपने राज्यों में महत्व देने के लिए तैयार नहीं दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन के भीतर सपा की स्वीकार्यता लगातार कम हो रही है और सहयोगी दल भी अपने-अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
आम आदमी पार्टी के रुख का किया जिक्र
एसबीएसपी नेता ने कहा कि सबसे पहले आम आदमी पार्टी ने अपने राजनीतिक संकेतों के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया था कि विपक्षी एकता केवल दिखावे तक सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन में शामिल दल जनता के मुद्दों पर संघर्ष करने के बजाय अपने राजनीतिक अस्तित्व और स्वार्थों को बचाने में लगे हुए हैं।
राजभर ने कहा कि विपक्षी दलों के बीच न तो कोई साझा विचारधारा है और न ही जनता के लिए कोई ठोस एजेंडा। यही कारण है कि समय-समय पर गठबंधन के भीतर मतभेद और असहमति खुलकर सामने आती रहती है।
जनता के मुद्दों से भटक चुका विपक्ष: एसबीएसपी
अरुण राजभर ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, विकास और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा करने के बजाय केवल सत्ता प्राप्ति की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे राजनीतिक गठबंधनों की वास्तविकता को समझ चुकी है और आने वाले चुनावों में इसका जवाब भी देगी।
उन्होंने दावा किया कि केंद्र और उत्तर प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं के कारण जनता का विश्वास राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ बना हुआ है, जबकि विपक्ष लगातार आंतरिक कलह और नेतृत्व संकट से जूझ रहा है।
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चा
अरुण राजभर के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर इंडिया गठबंधन और समाजवादी पार्टी की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों की एकजुटता और भविष्य की रणनीति पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, वहीं सत्तापक्ष के नेता इन मुद्दों को लेकर विपक्ष पर हमलावर बने हुए हैं।

