चंदौली के बरहनी क्षेत्र में किसानों ने विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना का विरोध किया। किसानों का कहना है कि उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहण से उनकी आजीविका, सिंचाई व्यवस्था और खेती पर गंभीर असर पड़ेगा।
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| चंदौली न्यूज: विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, Photo - AI Image |
चंदौली। जिले के बरहनी ब्लॉक क्षेत्र में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना का विरोध तेज हो गया है। सैकड़ों किसानों ने 'जमीन बचाओ संघर्ष समिति' के बैनर तले कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग और अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार से मुलाकात की। किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे अपनी उपजाऊ कृषि भूमि किसी भी कीमत पर अधिग्रहण के लिए नहीं देंगे।
किसानों का आरोप है कि एक्सप्रेसवे निर्माण से उनकी आजीविका, खेती और भविष्य गंभीर संकट में पड़ जाएगा। वहीं प्रशासन ने इसे सरकार की महत्वाकांक्षी और ड्रीम परियोजना बताते हुए किसानों की मांगों पर असमर्थता जताई, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ गई है।
कृषि भूमि अधिग्रहण से रोजी-रोटी पर संकट
किसान नेता रतन सिंह ने कहा कि बरहनी क्षेत्र पूरी तरह कृषि आधारित है। विंध्य एक्सप्रेसवे बनने से हजारों किसानों की उपजाऊ जमीन प्रभावित होगी और उनके सामने रोजगार एवं आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे के कारण किसानों की भूमि दो हिस्सों में बंट जाएगी, जिससे खेती करना कठिन हो जाएगा। सड़क की ऊंचाई लगभग 20 फीट होने के कारण खेतों तक पहुंचना और कृषि कार्य करना चुनौतीपूर्ण बन जाएगा।
सिंचाई व्यवस्था पर पड़ेगा गंभीर असर
किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने बताया कि क्षेत्र के अधिकांश किसान निजी संसाधनों से खेती करते हैं। सिंचाई के लिए खेतों तक लंबी दूरी में पाइपलाइन बिछाई जाती है। यदि एक्सप्रेसवे का निर्माण होता है तो यह पूरी सिंचाई व्यवस्था को बाधित कर देगा, जिससे कृषि उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा।
बाढ़ और जलभराव की आशंका
किसान सुमंत सिंह अन्ना ने चिंता जताते हुए कहा कि प्रस्तावित एक्सप्रेसवे कर्मनाशा नदी के बाएं किनारे से गुजरने वाला है। भविष्य में बाढ़ आने की स्थिति में एक्सप्रेसवे के दाहिनी ओर स्थित कृषि भूमि और आबादी वाले क्षेत्र जलमग्न हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र की अत्यधिक उपजाऊ भूमि खेती के लिए अनुपयोगी हो सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि सैयदराजा-गाजीपुर ग्रीनफील्ड परियोजना पहले से स्वीकृत है, ऐसे में एक और बड़ी परियोजना किसानों के लिए नई समस्याएं खड़ी कर सकती है।
खेतों तक पहुंचने में होगी परेशानी
किसानों का कहना है कि प्रस्तावित एक्सप्रेसवे पर हर स्थान पर चढ़ने और उतरने की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। इससे किसान अपने ट्रैक्टर, कृषि यंत्र और अन्य संसाधनों के साथ खेतों तक नहीं पहुंच पाएंगे। इससे खेती की लागत बढ़ेगी और उत्पादन प्रभावित होगा।
इस दौरान महेश्वर सिंह, निखिल कुमार सिंह, अशोक यादव, मनोज सिंह, प्रभात सिंह, अविनाश सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
निष्कर्ष
विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर चंदौली के किसानों और प्रशासन के बीच मतभेद बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। एक ओर सरकार इसे क्षेत्र के विकास से जोड़ रही है, वहीं किसान अपनी उपजाऊ जमीन, सिंचाई व्यवस्था और आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंतित हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा पूर्वांचल की राजनीति और किसान आंदोलन का बड़ा विषय बन सकता है।
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