ओम प्रकाश राजभर का सपा पर बड़ा हमला, बोले- सपा में यादव बनाम कुर्मी की राजनीति हावी

ओम प्रकाश राजभर का सपा पर बड़ा हमला, बोले- सपा में यादव बनाम कुर्मी की राजनीति हावी

सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर यादव बनाम कुर्मी की राजनीति का आरोप लगाया। जानिए, उन्होंने अखिलेश यादव पर क्या-क्या सवाल उठाए।

ओम प्रकाश राजभर का सपा पर बड़ा हमला, बोले- सपा में यादव बनाम कुर्मी की राजनीति हावी
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर 

पूर्वांचल न्यूज प्रिंट / लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जातीय समीकरणों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के अंदर यादव बनाम कुर्मी की राजनीति चल रही है। उन्होंने दावा किया कि सपा में गैर-यादव नेताओं को उचित सम्मान और नेतृत्व नहीं मिल रहा है।

 ओम प्रकाश राजभर ने क्या कहा?

राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि यदि पार्टी सभी वर्गों की है, तो गैर-यादव कार्यकर्ताओं और विशेष रूप से कुर्मी नेताओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी क्यों नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सपा के भीतर गैर-यादव नेताओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है और कई वरिष्ठ नेताओं को उचित सम्मान नहीं मिला।

 किन नेताओं का लिया नाम?

अपने बयान में राजभर ने पूर्व मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा, गंगा पटेल, कृष्णा देवी शिवशंकर पटेल तथा संग्राम सिंह पटेल जैसे नेताओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इन नेताओं को भी पार्टी में अपेक्षित सम्मान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इससे गैर-यादव समुदायों में असंतोष बढ़ा है।

 यूपी की राजनीति में क्या होंगे मायने?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में जातीय समीकरण चुनावी राजनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। ऐसे बयान आगामी चुनावों से पहले विभिन्न पिछड़े वर्गों को साधने की रणनीति का हिस्सा भी माने जा सकते हैं।

हालांकि समाजवादी पार्टी की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे विवाद की तस्वीर स्पष्ट होगी।

निष्कर्ष

ओम प्रकाश राजभर का यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर गैर-यादव समुदायों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। हालांकि यह एक राजनीतिक आरोप है और इसकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं की जा सकती। इस मुद्दे पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने वाले समय में काफी महत्वपूर्ण होगी।