भारतीय ऑटोमोटिव मार्केट में मॉडर्न, इको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड में ज़बरदस्त उछाल देखा गया।
भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) की डिमांड लगातार बढ़ रही है। फेडरेशन ऑफ़ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, जून में देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रिटेल बिक्री अब तक के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गई। इस दौरान, EVs ने पहली बार 12 परसेंट मार्केट शेयर को भी पार कर लिया।
जून 2026 में EV की बिक्री ने कौन सा नया रिकॉर्ड बनाया?
FADA के मुताबिक, जून 2026 इलेक्ट्रिक गाड़ी मार्केट के लिए एक ऐतिहासिक महीना था।
खास आंकड़े:
- जून 2026 में मार्केट में कुल 306,220 इलेक्ट्रिक गाड़ियां बिकीं।
- यह FADA द्वारा दर्ज की गई अब तक की सबसे ज़्यादा महीने की EV बिक्री है।
- जून 2025 की तुलना में बिक्री में 63 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
इसका मतलब है कि देश में कुल EV शेयर पहली बार 12 प्रतिशत से ज़्यादा हो गया।
किस गाड़ी कैटेगरी में सबसे ज़्यादा ग्रोथ हुई?
फेडरेशन ऑफ़ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, जून 2026 में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की घरेलू रिटेल बिक्री अब तक के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गई।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स ने EV बिक्री में सबसे ज़्यादा हिस्सा दिया।
डेटा के मुताबिक:
- जून 2026 में 193,735 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स बिके।
- जून 2025 में यह आंकड़ा 110,719 यूनिट था।
इसका मतलब है कि इस कैटेगरी में साल-दर-साल 74.98 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई।
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| Electric Vehicles - फोटो : Adobe Stock |
इलेक्ट्रिक कार की बिक्री में कितनी बढ़ोतरी हुई?
FADA के मुताबिक, इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री में भी तेज़ी से बढ़ोतरी हुई।
खास आंकड़े:
- जून 2026 में 31,823 इलेक्ट्रिक कारों की रिटेल बिक्री दर्ज की गई।
- जून 2025 में यह आंकड़ा 15,318 यूनिट था।
इसका मतलब है कि इस कैटेगरी में बिक्री एक साल में दोगुनी से ज़्यादा हो गई।
इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स ने कैसा परफॉर्म किया?
इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स ने भी अच्छा परफॉर्म किया।
डेटा के मुताबिक,
- जून 2026 में 77,448 यूनिट बिकीं।
- पिछले साल इसी महीने में 60,802 यूनिट बिकी थीं।
- यह बिक्री में 27.38 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है।
इलेक्ट्रिक कमर्शियल गाड़ियों की बिक्री कैसे बढ़ रही है?
सबसे तेज़ बढ़ोतरी इलेक्ट्रिक कमर्शियल गाड़ियों की कैटेगरी में दर्ज की गई।
FADA के मुताबिक,
- जून 2026 में 3,214 यूनिट बिकीं।
- जून 2025 में यह आंकड़ा 1,219 यूनिट था।
- यह साल-दर-साल 163.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है।
FADA इस अचीवमेंट को कैसे देखता है?
- FADA प्रेसिडेंट सी.एस. विग्नेश्वर ने कहा कि जून 2026 भारत की मोबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी के लिए एक अहम महीना था।
- उन्होंने कहा, "जून में 306,220 इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री FADA के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है।
- यह पिछले साल के मुकाबले करीब 63 परसेंट ज़्यादा है।"
- उन्होंने यह भी कहा, "यह कामयाबी ऐसे समय में मिली है जब ऑटोमोटिव मार्केट में मानसून में देरी हो रही है और आम तौर पर सीज़नल समय धीमा चल रहा है।
खास बात यह है कि यह ग्रोथ सिर्फ़ एक गाड़ी की कैटेगरी तक ही सीमित नहीं है।
किस कैटेगरी ने सबसे अच्छा परफॉर्म किया?
सी.एस. विग्नेश्वर के मुताबिक,
- इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल
- इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल
- दोनों ने जून 2026 में अपना सबसे अच्छा मंथली परफॉर्मेंस रिकॉर्ड किया।
EV शेयर में क्या बड़े बदलाव देखे गए हैं?
FADA के मुताबिक, कुल EV शेयर पहली बार 12 परसेंट से ज़्यादा हो गया।
इसमें मुख्य योगदान देने वाले हैं:
- इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर, जो अब कुल रिटेल सेल्स का 64 परसेंट से ज़्यादा हिस्सा हैं।
- इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, जिनका शेयर पहली बार 10.6 परसेंट पर डबल डिजिट में पहुंचा।
- विग्नेश्वर ने कहा कि इससे साफ़ पता चलता है कि भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल अब किसी खास सेगमेंट का ऑप्शन नहीं हैं, बल्कि मेनस्ट्रीम बन गए हैं।
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| Electric Three-Wheeler - फोटो : Bajaj Auto |
FADA इसे क्यों कहता है यह बदलाव? सस्टेनेबल?
FADA के प्रेसिडेंट के अनुसार, इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह अलग-अलग कंपनियों का बड़े पैमाने पर विस्तार और भागीदारी है।
उन्होंने कहा:
- पारंपरिक ऑटोमेकर अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट को लीड कर रहे हैं।
- पहले से मौजूद ऑटोमेकर इलेक्ट्रिक कारों और कमर्शियल गाड़ियों में विस्तार कर रहे हैं।
- नई कंपनियाँ, भारतीय और ग्लोबल, दोनों ही भारत को अपना प्राइमरी मार्केट चुन रही हैं।
भारतीय EV मार्केट के बारे में FADA के क्या नतीजे हैं?
सी.एस. विग्नेश्वर ने कहा कि यह बदलाव भारत की ग्रोथ की राह का एक ज़रूरी इंडिकेटर है।
उन्होंने कहा:
भारत तेज़ी से क्लीन और ऑटोनॉमस मोबिलिटी की ओर बढ़ रहा है।
कस्टमर की उम्मीदें बढ़ रही हैं।
इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रेंज और अफोर्डेबिलिटी लगातार बढ़ रही है।
जहाँ प्रोडक्ट, चार्जिंग इकोसिस्टम और इकोनॉमिक वायबिलिटी एक साथ आते हैं, वहाँ कस्टमर तेज़ी से इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ अपना रहे हैं।



