उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) संबंधी दस्तावेज जमा करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया है। जानें क्या है पूरा मामला।
रामपुर /उत्तर प्रदेश / पूर्वांचल न्यूज प्रिंट: उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय (Mohammad Ali Jauhar University) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) मानकों को लेकर प्रशासन ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर शिकंजा कस दिया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, जौहर यूनिवर्सिटी को अग्नि सुरक्षा संबंधी जरूरी दस्तावेज और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जमा करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया है।
नियमों की अनदेखी पर प्रशासन सख्त
जांच टीम के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर की कई प्रमुख इमारतों में अग्नि सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया है। फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि कई भवनों में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और न ही जरूरी मानक पूरे किए गए हैं।
मुख्य बिंदु: सुरक्षा मानकों में कमियां पाए जाने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है, लेकिन छात्रों के हितों और कानूनी प्रक्रिया को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन को राहत के तौर पर 7 दिन की मोहलत दी गई है।
एक सप्ताह में जमा करने होंगे दस्तावेज
विश्वविद्यालय प्रबंधन को साफ निर्देश दिया गया है कि वे एक सप्ताह के भीतर सभी संबंधित इमारतों की फायर सेफ्टी रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज जमा करें। यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब और दस्तावेज पेश नहीं किए गए, तो प्रशासन नियमों के तहत यूनिवर्सिटी की कुछ इमारतों को सील करने या भारी जुर्माना लगाने जैसी कड़ी कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
लगातार विवादों में रहा है जौहर विश्वविद्यालय
सपा नेता आजम खान द्वारा स्थापित यह विश्वविद्यालय पिछले काफी समय से विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक जांच के दायरे में रहा है। अब फायर एनओसी (Fire NOC) का यह नया मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भी परिसर की सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है।
अब देखना यह होगा कि क्या जौहर विश्वविद्यालय प्रशासन दी गई समय सीमा (One Week Deadline) के भीतर सभी कमियों को दूर कर जरूरी दस्तावेज पेश कर पाता है या नहीं।

