UP Elections 2027 को लेकर सपा के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद ने साफ किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन में चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे और गठबंधन का अंतिम फैसला राहुल गांधी और अखिलेश यादव की बातचीत से होगा।
- UP Elections 2027 को लेकर सपा-कांग्रेस गठबंधन पर माता प्रसाद का बड़ा बयान
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संभावित गठबंधन पर चल रही अटकलों के बीच नेता प्रतिपक्ष और सपा के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद ने स्पष्ट संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगी तथा गठबंधन का अंतिम स्वरूप दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की सहमति से तय होगा।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव करेंगे गठबंधन का अंतिम फैसला
माता प्रसाद ने कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने संयुक्त रूप से चुनाव लड़ा था, जिसका लाभ दोनों दलों को मिला। उन्होंने कहा कि उस चुनाव में दोनों दलों का वोट एक-दूसरे को ट्रांसफर हुआ, इसलिए सफलता का श्रेय केवल किसी एक नेता को नहीं दिया जा सकता।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव आपसी बातचीत के बाद ही सीटों के बंटवारे और गठबंधन की अंतिम रूपरेखा तय करेंगे।
इमरान मसूद और सीट बंटवारे की चर्चा पर क्या बोले माता प्रसाद?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद द्वारा 2024 की सफलता का श्रेय राहुल गांधी को दिए जाने और कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम द्वारा बराबर सीटों की मांग उठाए जाने के बाद गठबंधन को लेकर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
हालांकि माता प्रसाद ने कहा कि सीटों की संख्या पर फैसला करना उनका विषय नहीं है। उन्होंने दोहराया कि गठबंधन निश्चित रूप से होगा, जबकि सीट बंटवारे का निर्णय दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत से लिया जाएगा।
ओम प्रकाश राजभर पर भी साधा निशाना
एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान माता प्रसाद ने बिना नाम लिए सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब वह समाजवादी पार्टी के साथ थे, तब उनकी भाषा अलग थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ जाने के बाद उनकी राजनीतिक भाषा भी बदल गई है।
निष्कर्ष
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर उठ रही अटकलों के बीच नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद का बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहती हैं। हालांकि सीट बंटवारे और गठबंधन के अंतिम स्वरूप पर फैसला राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच होने वाली बातचीत के बाद ही होगा। ऐसे में आगामी महीनों में दोनों दलों की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

