लापरवाह शिक्षकों पर बीएसए सख्त, 4 को थमाया कारण बताओ नोटिस, जिले भर में चलेगा औचक निरीक्षण अभियान

लापरवाह शिक्षकों पर बीएसए सख्त, 4 को थमाया कारण बताओ नोटिस, जिले भर में चलेगा औचक निरीक्षण अभियान

परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और अध्यापकों की समयबद्धता परखने के लिए BSA सचिन कुमार ने  नियामताबाद स्थित कंपोजिट विद्यालय हिनौली का औचक निरीक्षण किया।

लापरवाह शिक्षकों पर बीएसए सख्त, 4 को थमाया कारण बताओ नोटिस, जिले भर में चलेगा औचक निरीक्षण अभियान

  • क्लास में पहुंचे बीएसए, बच्चों को पढ़ाया और पूछे सवाल

चंदौली / पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट / ब्यूरो चीफ दिवाकर रायपरिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और अध्यापकों की समयबद्धता परखने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने गुरुवार को विकास खंड नियामताबाद स्थित कंपोजिट विद्यालय हिनौली का औचक निरीक्षण किया। 

सुबह 8:45 बजे हुए इस अचानक निरीक्षण से विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान चार शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना या स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाए गए, जिस पर सख्त रुख अपनाते हुए बीएसए ने सभी अनुपस्थित अध्यापकों का निरीक्षण तिथि का वेतन अवरुद्ध करने का निर्देश जारी किया है।

बीएसए सचिन कुमार ने निरीक्षण के दौरान सख्त लहजे में कहा, विद्यालयों में अनुशासनहीनता और शिक्षकों की गैर-जिम्मेदारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारा प्राथमिक उद्देश्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। यदि शिक्षक ही समय पर उपस्थित नहीं रहेंगे, तो शासन की मंशा और बच्चों का भविष्य दोनों प्रभावित होंगे।

उन्होंने आगे कहा अनुपस्थित पाए गए चारों शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब संतोषजनक न होने पर उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। जिले के अन्य विद्यालयों में भी इसी तरह आकस्मिक निरीक्षण का अभियान जारी रहेगा। जो भी अध्यापन कार्य में हीला-हवाली करेगा, उसके विरुद्ध वेतन काटने से लेकर कड़े प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।

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निरीक्षण के दौरान बीएसए ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्थाओं को देखा, बल्कि खुद एक शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने कक्षाओं में जाकर बच्चों से सीधा संवाद किया, उन्हें पढ़ाया और पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल पूछकर उनके शैक्षणिक स्तर को परखा। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय में साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, मिड-डे मील की गुणवत्ता और छात्र उपस्थिति पंजिका की गहन जांच की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुसार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना अनिवार्य है और अनुशासनहीनता या लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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