अलीगंज में 51 बिल्डिंग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई! सुप्रीम कोर्ट की टीम 5 सितंबर को करेगी जांच, LDA दे सकता है आखिरी मौका

अलीगंज में 51 बिल्डिंग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई! सुप्रीम कोर्ट की टीम 5 सितंबर को करेगी जांच, LDA दे सकता है आखिरी मौका

Investigation into illegal construction in Aliganj: लखनऊ के अलीगंज में अवैध घोषित की गई 51बिल्डिंग्स की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की टीम 5 सितंबर को आएगी। 

अलीगंज में 51 बिल्डिंग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई! सुप्रीम कोर्ट की टीम 5 सितंबर को करेगी जांच, LDA दे सकता है आखिरी मौका
अलीगंज में 51 बिल्डिंग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई!

अलीगंज सुप्रीम कोर्ट इंस्पेक्शन डेट
 उत्तर प्रदेश के लखनऊ के अलीगंज में अवैध रूप से बनी और नियमों का पालन न करने वाली 51 बिल्डिंग्स की जांच को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट की एक जांच टीम बिल्डिंग्स का ऑन-साइट इंस्पेक्शन करने के लिए 5 सितंबर को लखनऊ आएगी। टीम को पहले 24 अगस्त को लखनऊ आना था, लेकिन शेड्यूल में बदलाव के कारण इंस्पेक्शन की तारीख टाल दी गई। अब टीम तय तारीख पर अलीगंज पहुंचेगी और सभी पहचानी गई बिल्डिंग्स की असल हालत का जायजा लेगी।

बिल्डिंग्स का पूरी तरह ऑन-साइट इंस्पेक्शन
जांच के दौरान सिर्फ कागजी जानकारी के आधार पर फैसले नहीं लिए जाएंगे; इसके बजाय, बिल्डिंग्स को ऑन-साइट वेरिफ़ाई किया जाएगा। टीम यह जांच करेगी कि क्या जिन बिल्डिंग्स को गैर-कानूनी या कानून तोड़ने वाली बताया गया है, वे असल में मंज़ूर स्टैंडर्ड्स के हिसाब से बनी थीं।

ऐसा करने के लिए, बिल्डिंग प्लान्स की तुलना असल कंस्ट्रक्शन से की जाएगी। यह भी चेक किया जाएगा कि कंस्ट्रक्शन के दौरान तय बाउंड्री डिस्टेंस बनाए रखा गया था या नहीं। इसके अलावा, बिल्डिंग्स की ऊंचाई, एरिया और दूसरे ज़रूरी पैरामीटर्स की भी जांच की जाएगी। कागज़ पर मंज़ूर प्लान्स और साइट पर बनी बिल्डिंग्स के बीच अंतर जांच का एक अहम हिस्सा होगा।

सभी 51 बिल्डिंग्स का ऑन-साइट वेरिफ़िकेशन किया जाएगा
सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम अलीगंज में पहचानी गई सभी 51 बिल्डिंग्स का ऑन-साइट वेरिफ़िकेशन करेगी। टीम यह समझने की कोशिश करेगी कि उल्लंघन कितने बड़े हैं और कौन से कंस्ट्रक्शन गंभीर कैटेगरी में आते हैं। यह जांच इन बिल्डिंग्स के ख़िलाफ़ आगे की कार्रवाई का रास्ता बना सकती है।

 अगर किसी बिल्डिंग में मंज़ूर प्लान्स से बड़े बदलाव पाए जाते हैं या तय स्टैंडर्ड्स का पूरी तरह उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, मामूली उल्लंघन वाली बिल्डिंग्स के लिए अलग तरीका अपनाया जा सकता है।

एक्शन से पहले मुआवज़े का दिया जा सकता है मौका
इस पूरे मामले में सबसे ज़रूरी चर्चा LDA द्वारा मुआवज़े की कार्रवाई की संभावना को लेकर है। माना जा रहा है कि लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (LDA) कुछ बिल्डिंग मालिकों को एक्शन शुरू करने से पहले मुआवज़ा मांगने का आखिरी मौका दे सकती है।

 मुआवज़े का मतलब है कि जिन बिल्डिंग में छोटे-मोटे उल्लंघन हैं और जिन्हें नियमों के तहत रेगुलेट किया जा सकता है, उन्हें एक तय फीस देकर रेगुलेट किया जा सकता है। हालांकि, माना जा रहा है कि यह सुविधा हर बिल्डिंग के लिए उपलब्ध नहीं है। गंभीर उल्लंघन और जिन्हें नियमों के तहत रेगुलेट नहीं किया जा सकता, उन पर अलग-अलग कार्रवाई हो सकती है।

जांच के बाद आगे की तय की जाएगी कार्रवाई
अब सभी की निगाहें 5 सितंबर को होने वाली जांच पर हैं। सुप्रीम कोर्ट की एक टीम द्वारा मौके पर किए जाने वाले इंस्पेक्शन से 51 बिल्डिंगों की असली स्थिति का पता चलेगा और यह भी पता चलेगा कि उनमें से कितनी बिल्डिंग नियमों के दायरे में आती हैं। फिर संबंधित रिकॉर्ड, मैप और साइट की स्थितियों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।


(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें) ये भी खबरें पढ़ें :-