आज का पंचांग: Aaj Ka Panchang , 9 अगस्त 2026 ,कामिका एकादशी व्रत, आज सावन माह की एकादशी तिथि,कृष्ण पक्ष ,मृगशिरा नक्षत्र है। पूजा का शुभ मुहूर्त और राहु काल कब शुरू होगा, यहां जानें।
Aaj Ka Panchang , 9 अगस्त 2026, दिन -रविवार
एकादशी तिथि - 11:07:09 तक
नक्षत्र मृगशिरा - 14:44:16 तक
करण बलव - 11:07:09 तक, कौलव - 21:35:53 तक
पक्ष - कृष्ण
योग - व्याघात - 05:37:54 तक, हर्षण - 10 अगस्त, 2026
को 02:04:21 बजे
दिन - रविवार
हिंदू महीना और साल
शक संवत - 1948
विक्रम संवत - 2083
कलि संवत - 5127
एंट्रेंस/गेट - 24
पूर्णिमा - श्रावण
अमावस्या महीना - आषाढ़
दिन - 13:09:49
अशुभ मुहूर्त
दुष्ट मुहूर्त - शाम 4:52:58 बजे से 5:45:37 PM
कुलिका - 4:52:58 PM से 5:45:37 PM तक
कंटका - 9:51:43 AM से 10:44:22 AM तक
राहु काल - 6:59:33 AM से 6:38:17 PM तक
कालवेला/अर्धयाम - 11:37:02 AM से 12:29:41 PM तक
यमघण्टा - 1:22:20 PM से 2:15:00 PM तक
यमगंधा - 12:03:21 PM से 1:42:05 PM तक
गुलिका काल - 3:20:49 PM से 4:59:33 PM तक
शुभ समय (शुभ मुहूर्त)
अभिजीत - 11:37:02 AM से 12:29:41 PM तक
इस माह के पर्व , व्रत और त्यौहार
कामिका एकादशी -9 अगस्त 2026
स्वतंत्रता दिवस-15 अगस्त, 2026
नाग पंचमी -17 अगस्त, 2026
श्रावण पुत्रदा एकादशी -23 अगसर 2026
रक्षा बंधन-28 अगस्त, 2026
आज का उपाय
आज सूर्य चालीसा का पाठ करें और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें।
द पावर चाँद और तारों की शक्ति
तारा की शक्ति - भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, अश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
चाँद की रोशनी - मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
हिंदू धर्म में, कोई भी शुभ काम शुरू करने से पहले पंचांग देखना एक पुरानी परंपरा है। यह सिर्फ़ एक कैलेंडर नहीं है, बल्कि ज्योतिषीय गणनाओं का एक कलेक्शन है जो हमें समय की प्रकृति और ऊर्जा के बारे में बताता है। पंचांग शब्द में पाँच हिस्से होते हैं, जो समय के पाँच मुख्य हिस्सों को दिखाते हैं।
पंचांग के पाँच मुख्य हिस्से
पंचांग में मुख्य रूप से इन पाँच हिस्सों की पूरी जानकारी होती है:-
तिथि: यह चाँद का दिन दिखाती है। हर महीने में 30 तारीखें होती हैं, जिन्हें शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में बांटा गया है।
वार: यह हफ़्ते का दिन दिखाता है (जैसे, सोमवार, मंगलवार)।
नक्षत्र: यह आसमान में तारों के ग्रुप को दिखाता है। कुल 27 नक्षत्र हैं, और हर नक्षत्र का अपना खास महत्व है।
योग: यह सूरज और चांद की खास पोजीशन को दिखाता है। कुल 27 तरह के योग होते हैं।
करण: यह तारीख का आधा हिस्सा होता है। एक तारीख में दो करण होते हैं।
पंचांग का इस्तेमाल सिर्फ़ धार्मिक कामों तक ही सीमित नहीं है; यह हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में भी बहुत काम आता है।
शुभ और अशुभ समय की जानकारी: पंचांग हमें शुभ समय (जैसे अभिजीत मुहूर्त) और अशुभ समय (जैसे राहु काल) के बारे में बताता है, ताकि हम सही समय पर ज़रूरी काम शुरू कर सकें।
व्रत और त्योहार: यह हमें सभी व्रत और धार्मिक त्योहारों की सही तारीखों के बारे में जानकारी देता है।
ट्रैवल और नए काम: पंचांग देखकर, कोई भी ट्रैवलिंग, घर बदलने, बिज़नेस शुरू करने या शादी करने जैसे कामों के लिए सबसे सही समय चुन सकता है।
ग्रहों की स्थिति: पंचांग में सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय, साथ ही राशि चक्र में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति बताई जाती है।
अस्वीकरण: लेख में उल्लिखित उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। इस लेख में लिखी गई बातें व्यक्तिगत या प्राइवेट नहीं हैं. पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट इसका समर्थन नहीं करता. इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धार्मिक ग्रंथों/किंवदंतियों से एकत्र की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे लेख को अंतिम सत्य या कथन न मानें और स्वयं निर्णय लें। पूर्वांचल न्यूज प्रिंट अंधविश्वास के खिलाफ है।
