रेलवे प्लेटफॉर्म पर चाय, स्नैक्स या किताबों की दुकान खोलकर कमाएं मोटा मुनाफा। जानें आईआरसीटीसी टेंडर प्रक्रिया, जरूरी नियम और आवेदन की पूरी डिटेल।
पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट / नई दिल्ली। पैसेंजर अक्सर रेलवे स्टेशनों के अंदर प्लेटफॉर्म पर चाय, किताबें या खाना खरीदते देखे जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन कियोस्क को रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन नहीं, बल्कि आम लोग मैनेज करते हैं। कोई भी इन रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म पर दुकान खोलकर अच्छा प्रॉफिट कमा सकता है।
हालांकि, कुछ नियमों और प्रोसेस को फॉलो करना होगा। इन दुकानों को IRCTC मैनेज करता है, और जगह टेंडर प्रोसेस के ज़रिए दी जाती है।
स्टेशनों पर टेंडर प्रोसेस कैसे किया जाता है?
IRCT समय-समय पर फूड कियोस्क, जनरल स्टोर और बुक कियोस्क के लिए टेंडर जारी करता है। ज़्यादातर जगह ओपन टेंडर या इलेक्ट्रॉनिक ऑक्शन के ज़रिए दी जाती है।
जानकारी ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम पोर्टल पर, IRCTC वेबसाइट के टेंडर और ई-ऑक्शन सेक्शन में, या संबंधित जोनल रेलवे वेबसाइट पर उपलब्ध है। जो कोई भी दुकान खोलना चाहता है, वह ऑनलाइन ई-टेंडर जमा कर सकता है।
परमिट लेने के लिए क्या ज़रूरतें हैं?
टेंडर मिलने के बाद जारी किए गए परमिट एक तय समय के लिए वैलिड होते हैं। नियमों के मुताबिक, फ़ूड प्लाज़ा परमिट नौ साल के लिए वैलिड होता है, जबकि फ़ूड स्टॉल या कैटरिंग सर्विस परमिट पाँच साल के लिए वैलिड होता है। यह समय खत्म होने के बाद, एक नया प्रोसेस फॉलो करना होगा।
मैं अप्लाई कैसे करूँ?
सबसे पहले, एक डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट चाहिए। फिर, मनचाहे स्टेशन के लिए टेंडर सर्च करें, डॉक्यूमेंट्स डाउनलोड करें, और सिक्योरिटी डिपॉज़िट जमा करें। बिड जमा करने के लिए, आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर ID कार्ड, GST रजिस्ट्रेशन (अगर लागू हो), एक फ़ूड बिज़नेस परमिट (फ़ूड स्टॉल के लिए), और एक पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो की ज़रूरत होगी। एप्लीकेशन फ़ीस लगभग 40,000 से 300,000 रुपये तक होती है।
