लखनऊ में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर लगी होर्डिंग में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की गई है।
पूर्वांचल न्यूज प्रिंट, लखनऊ ब्यूरो: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल पूरी तरह जमीन पर उतर चुके हैं। जहां एक तरफ समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव का 'PDA रथ' चुनावी मैदान में दौड़ रहा है, वहीं कांग्रेस पार्टी भी सांगठनिक स्तर पर अपनी ताकत झोंकने में लगी है। इसी बीच, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय के मुख्य गेट पर लगी एक विवादित होर्डिंग ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
होर्डिंग में लिखा तल्ख संदेश: 'देशद्रोही ज्ञानेश कुमार शर्म करो'
कांग्रेस मुख्यालय के मुख्य द्वार पर टंगे इस होर्डिंग में बड़े और गहरे अक्षरों में लिखा गया है: "लोकतंत्र की हत्या करने वाले ‘देशद्रोही’ ज्ञानेश कुमार शर्म करो, इस्तीफा दो।"
इतना ही नहीं, बैनर पर आगे यह भी लिखा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त का पक्ष लेने या उनका साथ देने वाले लोगों पर भी देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। इस विवादित बैनर के ऊपरी हिस्से में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, यानी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई अन्य वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें भी लगाई गई हैं।
'2029 में राहुल गांधी बनेंगे प्रधानमंत्री' — हसीब खान का दावा
इस विवादित होर्डिंग को लगवाने वाले कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष हसीब खान ने खुलकर इसका समर्थन किया है। मीडिया से बातचीत में हसीब खान ने आरोप लगाया, "कांग्रेस और पूरा विपक्ष लंबे समय से चुनाव आयोग के एकतरफा और पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ आवाज उठा रहा है।"
उन्होंने आगे बड़ा दावा करते हुए कहा, "देश की जनता का मूड अब पूरी तरह बदल चुका है। हर कोई यह अच्छी तरह जान चुका है कि साल 2029 में राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। इसी डर और घबराहट के कारण सत्तापक्ष चुनाव आयोग के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
क्या हो सकती है कानूनी कार्रवाई?
लखनऊ के वीवीआईपी इलाके मॉल एवेन्यू में देश के मुख्य संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी के खिलाफ इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किए जाने के बाद से पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता की आहट और कानून-व्यवस्था के लिहाज से इस पोस्टर को जल्द ही हटाया जा सकता है, और पोस्टर लगवाने वाले नेताओं पर कानूनी कार्रवाई या एफआईआर (FIR) दर्ज होने की भी पूरी संभावना बनी हुई है।
------------------------------
(डिस्क्लेमर: इस लेख में व्यक्त किए गए विचार और दावे राजनीतिक दल के पदाधिकारी के हैं। पूर्वांचल न्यूज प्रिंट इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है।)
------------------------------
