चमत्कार: ओडिशा में मगरमच्छों से भरी ब्राह्मणी नदी में 30 KM तक बही 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला, 12 घंटे तैरकर बचाई जान

चमत्कार: ओडिशा में मगरमच्छों से भरी ब्राह्मणी नदी में 30 KM तक बही 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला, 12 घंटे तैरकर बचाई जान

ओडिशा के जाजपुर में ब्राह्मणी नदी के तेज बहाव में 30 किमी बही बुजुर्ग महिला; मगरमच्छों के बीच 12 घंटे रातभर तैरने के बाद चमत्कारिक ढंग से बची जान।

ओडिशा के जाजपुर में ब्राह्मणी नदी के तेज बहाव और मगरमच्छों के बीच 12 घंटे तैरने के बाद बुजुर्ग महिला का बचाव
AI से बनाया गया Image 

ओडिशा , ब्यूरो डेस्क :  जाजपुर जिले में ब्राह्मणी नदी में बह जाने के 12 घंटे बाद एक बुजुर्ग महिला (केशी दलाई/कासी दलेई) को चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बचा लिया गया है। 

महिला नदी के तेज बहाव में करीब 25 से 30 किलोमीटर तक बहती चली गई थी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह नदी मगरमच्छों से भरी हुई है, जिसके बीच महिला ने पूरी रात पानी में तैरते हुए अपनी जान बचाई। 

इस घटना और रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

घटना कैसे हुई?

* समय और स्थान: यह घटना शनिवार (26 सितंबर, 2026) की रात करीब 9 से 10 बजे की है। जाजपुर जिले के कलाखंडा गांव की रहने वाली बुजुर्ग महिला नदी किनारे गईं थीं। 

* बहाव की चपेट में आना: अंधेरा होने और जमीन गीली व फिसलन भरी होने के कारण उनका पैर फिसल गया और वह सीधे उफनती ब्राह्मणी नदी के बीच धारा में बह गईं। 

12 घंटे का संघर्ष

* नदी में तैरती रहीं: महिला रात के 10 बजे से लेकर अगले दिन सुबह 10 बजे तक (लगभग 12 घंटे) बाढ़ के पानी में तैरती रहीं। 

* दूरी: पानी का बहाव इतना तेज था कि वह अपने गांव से करीब 25-30 किलोमीटर दूर केंद्रपाड़ा जिले के पट्टामुंडई इलाके के पास पहुंच गईं। 

* मगरमच्छों का खतरा: ब्राह्मणी नदी का यह क्षेत्र मगरमच्छों के लिए जाना जाता है, लेकिन सौभाग्य से वह उनकी नजरों से बची रहीं। 

 कैसे बचाई गई जान?

* मदद के लिए हाथ उठाया: रविवार सुबह जब वह पट्टामुंडई के पास पहुंचीं, तो उन्होंने वहां से गुजर रही एक नाव में सवार दो स्थानीय युवकों (मछआरों) को देखकर अपना हाथ उठाया।

* युवकों ने दिखाया साहस: नाव सवार युवकों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और महिला को पानी से बाहर निकाला। उन्होंने महिला को गर्म कपड़े दिए और शरीर को रगड़कर गर्माहट देने की कोशिश की।

* अस्पताल में भर्ती: इसके बाद एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें तुरंत पट्टामुंडई उप-विभागीय अस्पताल (SDH) में भर्ती कराया गया। 

थकावट के कारण महिला की हालत काफी गंभीर थी, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार इलाज के बाद अब उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है। सोशल मीडिया पर इस रेस्क्यू की खबर फैलने के बाद महिला के परिजनों को उनके सुरक्षित होने की जानकारी मिली। स्थानीय लोगों और परिजनों ने जान बचाने वाले दोनों युवकों के साहस की जमकर तारीफ की है।

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