- मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में देर रात इलाज के दौरान मरीज ने तोड़ा दम
- एसपी कार्यालय में तैनात महिला सिपाही रिचा शर्मा ने लगाए लापरवाही के आरोप
- शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, अस्पताल प्रशासन की जांच प्रक्रिया शुरू
बहराइच, Purvanchal News Print। रविवार रात मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के दौरान एक मरीज़ की मौत हो गई। मृतक की पत्नी और सुपरिटेंडेंट ऑफ़िस में तैनात पुलिस कॉन्स्टेबल रिचा शर्मा ने हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
रायबरेली ज़िले की रहने वाली रिचा शर्मा 2016 बैच की पुलिस कॉन्स्टेबल थीं और 2017 से बहराइच में सर्विस दे रही थीं। वह अभी सुपरिटेंडेंट ऑफ़िस के पब्लिक कंप्लेंट सेक्शन में काम करती हैं। रविवार शाम करीब 6 बजे उनके पति शैलेंद्र शर्मा (35) को पेट में तेज़ दर्द और सांस लेने में दिक्कत हुई। रिचा उन्हें तुरंत इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में ले गईं।
दोनों हाथों में इंजेक्शन लगने के बाद किया गया एडमिट
रिचा के मुताबिक, इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने शैलेंद्र के हाथों में इंजेक्शन लगाए और उनका ब्लड प्रेशर चेक करने के बाद उन्हें एडमिट कर लिया। पति की गंभीर हालत को देखते हुए, उसने इमरजेंसी वार्ड के पास वाले वार्ड में भर्ती होने की रिक्वेस्ट की, लेकिन उसे दूर वाले वार्ड में भेज दिया गया।
IV कैनुला फेलियर के आरोप
पुलिसवाली ने आरोप लगाया कि वार्ड क्लीनर ने जो IV कैनुला डाला था, वह खराब था। जब उसके पति की हालत बिगड़ी, तो उसने एक नर्स से मदद मांगी, लेकिन आरोप लगाया कि उसे समय पर और अच्छी देखभाल नहीं मिली।
ऋचा के मुताबिक, इस दौरान उसके पति की हालत लगातार बिगड़ती गई और रात करीब 9 बजे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद, पुलिसवाली ने हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन पर देखभाल में लापरवाही का आरोप लगाया। हालांकि, मौत का असली कारण ऑटोप्सी रिपोर्ट और मेडिकल जांच के बाद ही साफ होगा।
