चंदौली: सकलडीहा पुलिस व मिशन शक्ति ने उत्तराखंड से भटकी किशोरी को बचाया

चंदौली: सकलडीहा पुलिस व मिशन शक्ति ने उत्तराखंड से भटकी किशोरी को बचाया

सकलडीहा पुलिस व मिशन शक्ति टीम की तत्परता से हरिद्वार से भटकी 15 वर्षीय किशोरी सकुशल बरामद। काउंसलिंग व विधिक प्रक्रिया पूरी कर पिता के सुपुर्द किया गया।


सकलडीहा थाने में मिशन शक्ति टीम और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बालिका को पिता के सुपुर्द किए जाने का क्षण

खास बातें :

सकलडीहा बाजार में रात्रि गश्त के दौरान असहाय अवस्था में मिली 15 वर्षीय किशोरी

. महिला आरक्षियों की आत्मीय काउंसलिंग: हरिद्वार से नाराज होकर ट्रेन से पहुंची थी चंदौली

 सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेशी और वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित आश्रय

 पिता को सकुशल सौंपी गई बेटी, परिजनों ने चंदौली पुलिस का जताया आभार


चीफ ब्यूरो दिवाकर राय, चंदौली (पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट): जनपद चंदौली में महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर संचालित 'मिशन शक्ति' अभियान के तहत सकलडीहा थाना पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता की एक उत्कृष्ट मिसाल पेश की है। 

उत्तराखंड के हरिद्वार से परिजनों से क्षुब्ध होकर भटकी 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी को सकलडीहा पुलिस व मिशन शक्ति टीम ने न सिर्फ सकुशल बरामद किया, बल्कि विधिक औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए रविवार (25 अक्टूबर 2026) को उसे उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। अपनी लाडली को सुरक्षित पाकर भावुक परिजनों ने चंदौली पुलिस का हृदय से आभार जताया।

रात्रि गश्त के दौरान असहाय अवस्था में मिली थी किशोरी

घटनाक्रम के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 की रात थाना सकलडीहा की 'मिशन शक्ति' टीम क्षेत्र में गश्त पर थी। गश्त के दौरान टीम की नजर सकलडीहा बाजार में संदिग्ध और असहाय स्थिति में घूम रही एक अल्पवयस्क बालिका पर पड़ी।

  • लावारिस और घबराई हालत में देखकर महिला पुलिसकर्मियों ने तत्काल बालिका को अपने संरक्षण में लिया और थाने ले आईं।

  • थाने में तैनात महिला आरक्षियों ने बालिका को पानी पिलाकर अत्यंत आत्मीयता और संवेदनशीलता से उसकी काउंसलिंग की।

  • पूछताछ में बालिका ने अपनी पहचान सोनम वर्मा (उम्र 15 वर्ष) पुत्री सुशील कुमार वर्मा, मूल निवासी ग्राम बख्तावरपुर, थाना इमिलिया, जनपद सीतापुर (उ.प्र.) के रूप में बताई।

परिजनों से क्षुब्ध होकर हरिद्वार से पकड़ ली थी ट्रेन

काउंसलिंग के दौरान किशोरी ने बताया कि उसका परिवार वर्तमान में हरिद्वार (उत्तराखंड) में रहकर आजीविका चलाता है।

  • पारिवारिक स्तर पर किसी बात को लेकर नाराज व क्षुब्ध होकर वह बिना बताए घर से निकल गई थी।

  • हरिद्वार स्टेशन से ट्रेन पकड़कर वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय) पहुंच गई और वहां से भटकते-भटकते सकलडीहा बाजार आ पहुंची, जहां वह पूरी तरह अनजान माहौल में रास्ता भटक गई थी।

मेडिकल परीक्षण, वन स्टॉप सेंटर में आश्रय और परिजनों से संपर्क

उच्चाधिकारियों के निर्देशन में सकलडीहा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कानूनी कदम उठाए:

  1. स्वास्थ्य परीक्षण: बालिका का नियमानुसार प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण (Medical Examination) कराया गया।

  2. सुरक्षित आश्रय: सुरक्षा व विधिक मानकों को ध्यान में रखते हुए बालिका को 'बाल कल्याण समिति' (CWC) के समक्ष प्रस्तुत कर 'वन स्टॉप सेंटर' में सुरक्षित रखवाया गया।

  3. परिजनों को सूचना: सकलडीहा पुलिस ने अथक प्रयासों से बालिका द्वारा बताए गए पते और संपर्क सूत्रों के आधार पर हरिद्वार में मौजूद उसके परिजनों से संवाद स्थापित कर संपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी दी।

थाने पहुंचे पिता, भावुक होकर लगाया गले

पुत्री के सकुशल मिलने की खबर पाकर बालिका के पिता सुशील कुमार वर्मा (पुत्र ठाकुर प्रसाद वर्मा) 25 अक्टूबर को सकलडीहा थाने पहुंचे। थाने में बाल कल्याण समिति और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आवश्यक कागजी व कानूनी सत्यापन प्रक्रिया पूरी की गई। इसके उपरांत किशोरी को औपचारिक रूप से उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।

अपनी बिछड़ी बेटी को सुरक्षित और सकुशल पाकर पिता की आंखें छलक आईं। उन्होंने सकलडीहा थाना प्रभारी, मिशन शक्ति टीम और चंदौली पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और मानवीय दृष्टिकोण की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

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