जिला प्रशासन और न्यायपालिका का संयुक्त एक्शन: संप्रेषण गृह में हड़कंप
सुरक्षा व्यवस्था की गहन पड़ताल: चहारदीवारी और मुख्य द्वारों पर सतर्कता के निर्देश
आवास कक्ष, मेस और चिकित्सा विंग का मुआयना: मीनू के अनुरूप पौष्टिक भोजन का आदेश
किशोरों के मानवाधिकारों और पुनर्वास व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर
चीफ ब्यूरो दिवाकर राय, गाजीपुर (पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट): जनपद गाजीपुर स्थित राजकीय संप्रेषण गृह (किशोर गृह) में आवासित किशोरों की सुरक्षा, उनके विधिक मानवाधिकारों के संरक्षण तथा संस्थान की आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया।
माननीय जिला जज महोदय, जिलाधिकारी गाजीपुर एवं पुलिस अधीक्षक गाजीपुर ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में राजकीय संप्रेषण गृह का सघन औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व रहन-सहन की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। शीर्ष अधिकारियों के अचानक पहुंचे काफिले से संप्रेषण गृह प्रशासन और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही।
सुरक्षा तंत्र और चहारदीवारी का लिया सघन जायजा
औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की संयुक्त टीम ने संस्थान के सुरक्षा इंतजामों की बिंदुवार पड़ताल की:
सुरक्षा बलों की तैनाती: मुख्य प्रवेश द्वारों, संतरी पोस्टों और परिसर की ऊंची चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी को परखा गया।
सतर्कता के कड़े निर्देश: पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को चौबीसों घंटे पूरी सजगता व सतर्कता बरतने के कड़े निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक या अवांछित गतिविधि की गुंजाइश न रहे।
संस्थान के सीसीटीवी निगरानी तंत्र (CCTV Surveillance) और अलार्म सिस्टम की कार्यप्रणाली की भी तकनीकी जांच की गई।
बैरक, चिकित्सा कक्ष और मेस की व्यवस्थाओं की जांच
अधिकारियों ने किशोरों के रहने, खानपान और प्राथमिक उपचार की सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण किया:
आवास कक्ष (बैरक): किशोरों के बैरकों में जाकर हवा, प्रकाश, स्वच्छता और बिस्तरों की स्थिति देखी गई तथा उनसे व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याएं जानी गईं।
भोजनालय (मेस) और मीनू का पालन: मेस का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता का मुआयना किया। अधिकारियों ने मेस प्रभारी को सख्त निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित मीनू के अनुसार ही पूरी शुद्धता व स्वच्छता के साथ किशोरों को समय पर पौष्टिक और संतुलित भोजन उपलब्ध कराया जाए।
चिकित्सा सुविधा: चिकित्सा कक्ष में प्राथमिक उपचार किट, आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं के स्टॉक और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से संबंधित रजिस्टरों का अवलोकन किया गया।
जिला जज एवं जिलाधिकारी ने संप्रेषण गृह प्रबंधन को निर्देशित किया कि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। संस्थान में निरुद्ध किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य, काउंसलिंग, बुनियादी शिक्षा और सकारात्मक रचनात्मक गतिविधियों पर निरंतर ध्यान दिया जाए, जिससे उनका सामाजिक पुनर्वास सुनिश्चित हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. गाजीपुर राजकीय संप्रेषण गृह का औचक निरीक्षण किन प्रमुख अधिकारियों द्वारा किया गया?
यह सघन औचक निरीक्षण माननीय जिला जज महोदय, जिलाधिकारी महोदय गाजीपुर एवं पुलिस अधीक्षक महोदय गाजीपुर द्वारा संयुक्त रूप से भारी पुलिस बल के साथ किया गया।
Q2. निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या था?
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य संप्रेषण गृह में निरुद्ध किशोरों की सुरक्षा व्यवस्था, उनके मानवाधिकारों का संरक्षण, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा और भोजन की गुणवत्ता को सुनिश्चित करना था।
Q3. भोजनालय (मेस) को लेकर क्या दिशा-निर्देश जारी किए गए?
मेस प्रभारी को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि तय मीनू के अनुसार पूरी शुद्धता, स्वच्छता और गुणवत्ता के साथ किशोरों को पौष्टिक भोजन परोसा जाए तथा रसोई परिसर में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
Q4. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक ने क्या निर्देश दिए?
पुलिस अधीक्षक ने मुख्य द्वारों, चहारदीवारी और वॉच टावरों पर तैनात पुलिसकर्मियों को चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर रहने और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए।


