शारदीय नवरात्रि 2026 में गुरु-चंद्रमा की युति से 2 बार बनेगा दुर्लभ 'गजकेसरी राजयोग'। मेष, कर्क, तुला और धनु राशि वालों को मिलेगा अपार धन लाभ।
👉शारदीय नवरात्रि 2026 में दुर्लभ संयोग: 9 दिनों के भीतर दो बार बनेगा 'गजकेसरी योग'
👉कब-कब बनेगा यह राजयोग? गुरु और चंद्रमा की युति का ज्योतिषीय महत्व
👉इन 4 भाग्यशाली राशियों की चमकेगी किस्मत: करियर, व्यापार और निवेश में बंपर मुनाफा
👉गजकेसरी योग का पूर्ण फल पाने के लिए नवरात्रि में करें ये विशेष उपाय
ज्योतिष डेस्क (पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट): शारदीय नवरात्रि 2026 केवल आदिशक्ति मां भगवती की उपासना के लिहाज से ही पावन नहीं है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी यह अवधि अत्यंत शुभ और फलदायी साबित होने जा रही है।
वैदिक पंचांग और ग्रह गोचर की गणना के अनुसार, इस बार नवरात्रि के पावन नौ दिनों के भीतर देवगुरु बृहस्पति और मन के कारक चंद्रमा की विशेष युति से दो बार दुर्लभ 'गजकेसरी राजयोग' का निर्माण होने जा रहा है।
ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी योग को मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और अकूत धन संपदा प्रदान करने वाला परम कल्याणकारी योग माना गया है। ऐसे में मां दुर्गा की कृपा और इस शक्तिशाली राजयोग के प्रभाव से 4 चुनिंदा राशि के जातकों की किस्मत चमकने वाली है।
कब-कब बनेगा गजकेसरी राजयोग?
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब कुंडली या गोचर में देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा एक-दूसरे से केंद्र भाव (1, 4, 7, 10वें भाव) में स्थित हों अथवा एक ही राशि में युति बनाएं, तब 'गजकेसरी योग' का निर्माण होता है।
पहला गजकेसरी योग (11-12 अक्टूबर): नवरात्रि के पहले ही दिन चंद्रमा के गोचर और गुरु की शुभ दृष्टि से इस योग का पहला चरण सक्रिय होगा, जो शुरुआत से ही आर्थिक गति प्रदान करेगा।
दूसरा गजकेसरी योग (नवरात्रि के उत्तरार्ध में): चंद्रमा जब अपनी गति बदलते हुए पुनः गुरु के साथ समसप्तक अथवा केंद्र भाव में प्रवेश करेगा, तब इस राजयोग का दूसरा और अधिक प्रबल चरण बनेगा। यह समय व्यापार विस्तार और अटके हुए धन की प्राप्ति के लिए वरदान साबित होगा।
इन 4 राशियों के लिए खुलेंगे कुबेर के द्वार
मेष राशि (Aries):
मेष राशि के जातकों के लिए गजकेसरी योग करियर में अप्रत्याशित सफलता के योग बना रहा है। कार्यक्षेत्र में पदोन्नति और वेतन वृद्धि के मजबूत संकेत हैं। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद सुलझ सकता है और व्यापार में नए लाभदायक सौदे फाइनल होंगे।
कर्क राशि (Cancer):
चंद्रमा की स्वराशि कर्क के जातकों पर इस योग का सीधा और अत्यंत सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा। निवेश से तगड़ा रिटर्न मिलने के योग हैं। परिवार में मांगलिक कार्यों की रूपरेखा बनेगी और भौतिक सुख-सुविधाओं में इजाफा होगा।
तुला राशि (Libra):
तुला राशि वालों के लिए यह नवरात्रि आर्थिक समृद्धि लेकर आ रही है। नौकरीपेशा लोगों को नई और बेहतर जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। यदि आप साझेदारी में कोई नया व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय भारी मुनाफा देने वाला साबित होगा।
धनु राशि (Sagittarius):
बृहस्पति के स्वामित्व वाली धनु राशि के जातकों को इस अवधि में भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। आय के नए स्रोत बनेंगे और बैंक बैलेंस में तेजी से इजाफा होगा। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सुखद समाचार मिल सकता है।
गजकेसरी योग का अधिकतम लाभ पाने के उपाय
नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन मां दुर्गा के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं और "ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः" मंत्र का एक माला जाप करें।
भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करें तथा खीर का भोग लगाएं।
जरूरतमंदों को पीली वस्तुएं (चने की दाल, पीले वस्त्र, फल) और जल-अन्न का दान करें।

