खास बातें :-
यूपीएसएसएससी पीईटी 2026: 35 लाख से अधिक परीक्षार्थियों का महाकुंभ
सीएम योगी का कड़ा फरमान: नकल माफिया पर एसटीएफ की नजर, जीरो टॉलरेंस नीति
रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर अतिरिक्त व्यवस्था, ट्रैफिक जाम रोकने का एक्शन प्लान
सीसीटीवी निगरानी और बायोमेट्रिक सत्यापन के साथ दो पालियों में होगी परीक्षा
राज्य ब्यूरो, लखनऊ (पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट): उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2026 को लेकर प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। समूह 'ग' और अन्य पदों की भर्तियों के लिए आयोजित इस महापरीक्षा में प्रदेश भर से 35 लाख से अधिक अभ्यर्थी सम्मिलित हो रहे हैं। परीक्षा की विशालता और संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन, पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग के शीर्ष अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था से लेकर ट्रैफिक प्रबंधन तक के कड़े व पुख्ता निर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री ने दो-टूक कहा है कि परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की सुगम यात्रा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नकल माफिया पर एसटीएफ और एलआईयू का कड़ा पहरा
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, परीक्षा में सेंधमारी करने वाले सॉल्वर गैंग और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है:
स्पेशल टास्क फोर्स (STF) व लोकल इंटेलिजेंस (LIU): परीक्षा से जुड़े संवेदनशील इलाकों, कोचिंग सेंटरों और पूर्व में संदिग्ध रहे गिरोहों पर एसटीएफ की टीमें 24 घंटे नजर रख रही हैं।
सीसीटीवी और बायोमेट्रिक सत्यापन: परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक व आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। सभी कक्षों में लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड को जिला मुख्यालय और राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से सीधे जोड़ा गया है।
कड़े दंडात्मक प्रावधान: सीएम ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्तर पर पेपर लीक या नकल कराने का प्रयास हुआ, तो दोषियों के खिलाफ नए कठोर नकल-विरोधी कानून और गैंगस्टर एक्ट के तहत सीधी कार्रवाई करते हुए संपत्तियां जब्त की जाएंगी।
रेलवे स्टेशन, बस डिपो और ट्रैफिक के लिए विशेष एक्शन प्लान
35 लाख से अधिक परीक्षार्थियों की अंतरजनपदीय आवाजाही को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने विशेष प्रबंध करने के आदेश दिए हैं:
अतिरिक्त रोडवेज बसें: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) को प्रमुख रेलवे स्टेशनों और जिला मुख्यालयों से परीक्षा केंद्रों के रूट पर अतिरिक्त बसों के फेरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे प्रशासन संग समन्वय: ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ के साथ स्थानीय पुलिस का संयुक्त समन्वय रहेगा, ताकि स्टेशनों पर भगदड़ जैसी स्थिति न बने।
नो-ट्रैफिक जाम रणनीति: जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा केंद्रों की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों पर पहले से ही ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाए और चौराहों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित हो।
दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा
आयोग द्वारा यह परीक्षा निर्धारित तिथियों पर दो पालियों (सुबह 10:00 से 12:00 बजे और दोपहर 3:00 से 5:00 बजे) में आयोजित की जा रही है। प्रत्येक जिले में सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से पर्याप्त समय पूर्व केंद्र पर पहुंचने और आयोग द्वारा जारी गाइडलाइंस (एडमिट कार्ड, मूल पहचान पत्र और पारदर्शी पेन) का कड़ाई से अनुपालन करने की सलाह दी गई है।

