धान का कटोरा' चंदौली में सरकारी खरीद की उल्टी गिनती शुरू: 147 क्रय केंद्रों पर 2 नवंबर से शुरू होगी तौल; ₹2,441 प्रति क्विंटल MSP और ₹20 सफाई शुल्क मिलेगा

धान का कटोरा' चंदौली में सरकारी खरीद की उल्टी गिनती शुरू: 147 क्रय केंद्रों पर 2 नवंबर से शुरू होगी तौल; ₹2,441 प्रति क्विंटल MSP और ₹20 सफाई शुल्क मिलेगा

चंदौली में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 147 धान क्रय केंद्र तैयार। 2 नवंबर से खरीद शुरू, न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2441+₹20 निर्धारित, फार्मर रजिस्ट्री जरूरी।

धान का कटोरा' चंदौली में सरकारी खरीद की उल्टी गिनती शुरू: 147 क्रय केंद्रों पर 2 नवंबर से शुरू होगी तौल; ₹2,441 प्रति क्विंटल MSP और ₹20 सफाई शुल्क मिलेगा
जिला खाद्य विपणन अधिकारी (DFMO) राघवेन्द्र प्रताप सिंह 

खास बातें :-

  • धान के कटोरे चंदौली में 2 नवंबर से शुरू होगा महा-अभियान: 147 केंद्रों पर होगी खरीद
  •  एमएसपी दर और अतिरिक्त लाभ: ₹2,441 समर्थन मूल्य के साथ ₹20 सफाई मद का भुगतान
  • ब्लॉकवार क्रय केंद्रों की सूची: बरहनी में सर्वाधिक 32 तो नौगढ़ में 6 केंद्र स्थापित
  •  'फार्मर रजिस्ट्री' और पोर्टल रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: 'पहले आओ, पहले पाओ' पर होगा तौल
  •  लापरवाही पर नपेंगे केंद्र प्रभारी व प्रबंधक, एडीएम बने जिला खरीद अधिकारी

चीफ ब्यूरो दिवाकर राय, चंदौली (पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट): पूर्वांचल के अग्रणी कृषि प्रधान जनपद चंदौली में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीद की सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के औपचारिक अनुमोदन के उपरांत जनपद भर में कुल 147 धान क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। 01 नवंबर को रविवारीय अवकाश होने के कारण धान खरीद का यह महा-अभियान सोमवार, 02 नवंबर 2026 से पूरे जिले में एक साथ विधिवत प्रारंभ होने जा रहा है।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी (DFMO) राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन की मंशानुरूप अन्नदाता किसानों को उनकी उपज का शत-प्रतिशत लाभकारी व उचित मूल्य दिलाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था की गई है। सभी केंद्रों पर खरीद का कार्य प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक सुचारू रूप से संचालित रहेगा।

समर्थन मूल्य दर: ₹2,441 के साथ सफाई मद में मिलेंगे अतिरिक्त ₹20

किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,441 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है:

  • सफाई व छनाई का अतिरिक्त भुगतान: क्रय केंद्रों पर धान की सफाई और छनाई के मद में किसानों द्वारा व्यय किए जाने वाले ₹20 प्रति क्विंटल की धनराशि को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ जोड़कर सीधे किसान के बैंक खाते में भेजा जाएगा।

  • पारदर्शी निगरानी: पूरी खरीद व्यवस्था की मॉनिटरिंग और सुचारू संचालन के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को जनपद का जिला खरीद अधिकारी नामित किया गया है।

ब्लॉकवार 147 क्रय केंद्रों का संपूर्ण आवंटन

जिले में खाद्य विभाग, पीसीएफ (PCF), पीसीयू (PCU), यूपीएसएस (UPSS), भारतीय खाद्य निगम (FCI) और मंडी समिति द्वारा संचालित 147 क्रय केंद्रों का ब्लॉकवार विवरण इस प्रकार है:

विकास खंड (Block)स्थापित क्रय केंद्र संख्या
बरहनी ब्लॉक32 केंद्र (सर्वाधिक)
चकिया ब्लॉक23 केंद्र
चंदौली सदर ब्लॉक22 केंद्र
सकलडीहा ब्लॉक18 केंद्र
धानापुर ब्लॉक15 केंद्र
शहाबगंज ब्लॉक13 केंद्र
चहनियां ब्लॉक11 केंद्र
नियमताबाद ब्लॉक07 केंद्र
नौगढ़ ब्लॉक06 केंद्र
कुल योग147 केंद्र

'फार्मर रजिस्ट्री' और पोर्टल रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, टोकन व्यवस्था लागू

इस वर्ष की धान क्रय नीति में तकनीकी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'फार्मर रजिस्ट्री' (Farmer Registry) को मुख्य आधार बनाया गया है:

  • अनिवार्य पंजीकरण: जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनी है, वे पूर्व वर्षों की भांति खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल (fcs.up.gov.in) पर अपना पंजीकरण तत्काल पूरा करा लें।

  • गाटा संख्या का मिलान: यदि किसी किसान की फार्मर रजिस्ट्री में कृषि भूमि के पूरे गाटे नहीं जुड़े हैं, तो वे राजस्व विभाग से प्राथमिकता के आधार पर समय रहते संशोधन करा लें, ताकि तौल के समय सॉफ्टवेयर में अस्वीकृति का सामना न करना पड़े।

  • 'पहले आओ, पहले पाओ' टोकन प्रणाली: केंद्रों पर भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए खरीद 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर होगी। किसान भाई अपने संबंधित क्रय केंद्र पर जाकर अपनी फार्मर रजिस्ट्री या पंजीकरण विवरण प्रस्तुत कर अपनी तौल का क्रम (टोकन) दर्ज करा सकते हैं।

अनियमितता पर केंद्र प्रभारी व संस्था प्रबंधकों पर सीधी कार्रवाई

जिला प्रशासन ने सभी एजेंसियों को दो-टूक निर्देश जारी किए हैं कि केंद्रों पर नमी मापक यंत्र (Moisture Meter), इलेक्ट्रॉनिक कांटा, पंखा, छलना और नए जूट के बोरों की पर्याप्त उपलब्धता रहनी चाहिए। यदि किसी भी केंद्र पर बिचौलियों की सक्रियता, अनावश्यक कटौती, घटतौली या किसानों को परेशान करने की शिकायत मिली, तो केंद्र प्रभारी के साथ-साथ संबंधित क्रय एजेंसी के जिला प्रबंधकों की जवाबदेही तय करते हुए निलंबन और कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

प्रशासन ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे अपनी फार्मर रजिस्ट्री की स्थिति जांचकर नजदीकी धान क्रय केंद्र से संपर्क स्थापित करें और सरकारी खरीद व्यवस्था का पूरा लाभ उठाएं.


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