चंदौली: नकबजनी पर अंकुश न लगाने पर SP का एक्शन, 3 उपनिरीक्षक निलंबित

चंदौली: नकबजनी पर अंकुश न लगाने पर SP का एक्शन, 3 उपनिरीक्षक निलंबित

चंदौली एसपी आकाश पटेल ने नकबजनी की घटनाओं पर रोक न लगाने व विवेचना में घोर लापरवाही पर सकलडीहा, मुगलसराय व सदर के 3 दरोगाओं को तत्काल निलंबित किया।

चंदौली: नकबजनी पर अंकुश न लगाने पर SP का एक्शन, 3 उपनिरीक्षक निलंबित

  •  एसपी आकाश पटेल का कड़ा हंटर: कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता पर 3 उपनिरीक्षक सस्पेंड

  • थाना सकलडीहा: बिना खुलासे और बरामदगी के अंतिम रिपोर्ट लगाने पर दरोगा दिनेश राम निलंबित

  • थाना मुगलसराय: बीट में अपराध नियंत्रण और विवेचना में रुचि न लेने पर रामकेर यादव पर गाज

  •  थाना चंदौली (सदर): हल्का नंबर 01 में नकबजनी रोकने में विफल केशव प्रसाद सिंह नपे

  •  लापरवाही पर एसपी की दो-टूक: कार्य में शिथिलता बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर होगी कठोरतम कार्रवाई

चीफ ब्यूरो दिवाकर राय, चंदौली (पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट): जनपद चंदौली में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखने और आम जनता के जान-माल की हिफाजत सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने कड़ा रुख अपनाया है। जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चोरी और नकबजनी की वारदातों पर अंकुश न लगा पाने, दर्ज अभियोगों का गुणवत्तापूर्ण व त्वरित अनावरण न करने तथा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, उदासीनता और अनुशासनहीनता बरतने वाले तीन उपनिरीक्षकों (Sub-Inspectors) के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

क्षेत्राधिकारियों द्वारा प्रेषित प्राथमिक जांच आख्याओं के आधार पर की गई इस सख्त कार्रवाई से महकमे के लापरवाह कर्मियों में खलबली मच गई है।

1. थाना सकलडीहा: बिना खुलासा और बरामदगी के अंतिम रिपोर्ट लगाने पर दरोगा दिनेश राम नपे

थाना सकलडीहा पर तैनात उपनिरीक्षक (ना०पु०) दिनेश राम के खिलाफ विवेचना में भारी अनियमितता और मनमानी का मामला सामने आया:

  • लापरवाही का विवरण: सकलडीहा थाने में पंजीकृत मु०अ०सं०-87/2025 (धारा 303(2) बीएनएस) एवं मु०अ०सं०-113/2025 (धारा 305(ए)/331(4) बीएनएस) की विवेचना उपनिरीक्षक दिनेश राम द्वारा की जा रही थी।

  • कार्रवाई का आधार: विवेचना के दौरान उपनिरीक्षक द्वारा न तो घटना का वास्तविक अनावरण किया गया और न ही माल-मुल्जिम की कोई बरामदगी की गई, बल्कि बिना ठोस जांच के मनमाने तरीके से अंतिम रिपोर्ट (Final Report) प्रेषित कर दी गई।

  • क्षेत्राधिकारी सकलडीहा द्वारा बार-बार मौखिक व लिखित निर्देश दिए जाने के बावजूद दरोगा ने कोई सार्थक प्रयास नहीं किया। क्षेत्राधिकारी सकलडीहा की आख्या दिनांकित 29 अक्टूबर 2026 के आधार पर एसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

2. थाना मुगलसराय: बीट में अपराध नियंत्रण और विवेचना में अरुचि पर रामकेर यादव निलंबित

कोतवाली मुगलसराय (पीडीडीयू नगर) पर नियुक्त उपनिरीक्षक (ना०पु०) रामकेर यादव पर बीट पुलिसिंग में विफलता और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना का आरोप सिद्ध हुआ:

  • लापरवाही का विवरण: उपनिरीक्षक रामकेर यादव अपने आवंटित बीट क्षेत्र में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखने में पूरी तरह विफल रहे।

  • इनके द्वारा चोरी और नकबजनी जैसे गंभीर अपराधों की विवेचना करने तथा चोरी गए माल की बरामदगी में कोई रुचि नहीं ली जा रही थी। इसके अतिरिक्त उच्चाधिकारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए शासकीय आदेशों की लगातार अनदेखी की जा रही थी।

  • क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर की जांच रिपोर्ट दिनांकित 30 अक्टूबर 2026 के आधार पर एसपी आकाश पटेल ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया।

3. थाना चंदौली (सदर): नकबजनी की वारदातों पर अंकुश न लगाने पर हल्का प्रभारी केशव प्रसाद सिंह निलंबित

सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हल्का/बीट संख्या 01 में तैनात उपनिरीक्षक केशव प्रसाद सिंह को भी अपने क्षेत्र में बढ़ते अपराधों के चलते निलंबन झेलना पड़ा है:

  • लापरवाही का विवरण: हल्का/बीट संख्या 01 में लगातार हो रही नकबजनी की घटनाओं पर रोक लगाने और संदिग्धों पर प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करने में हल्का प्रभारी पूरी तरह विफल रहे।

  • क्षेत्र में गश्त और बीट पुलिसिंग में शिथिलता को लेकर क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा 29 अक्टूबर 2026 को विस्तृत रिपोर्ट प्रेषित की गई, जिसके आधार पर उपनिरीक्षक केशव प्रसाद सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर विभागीय जांच संस्तुत की गई है।

एसपी आकाश पटेल का स्पष्ट संदेश: 'कर्तव्य में ढिलाई किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं'

निलंबन की इस बड़ी कार्रवाई के साथ ही पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और विवेचकों को सख्त संदेश जारी किया है:

  • पुलिस विभाग का मूल दायित्व नागरिकों को सुरक्षित वातावरण देना और अपराध पर पूरी सख्ती से लगाम लगाना है।

  • विवेचना के दौरान मुकदमों को दबाने, बिना खुलासे के अंतिम रिपोर्ट लगाने या पीड़ितों की शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति जारी रहेगी।

  • यदि भविष्य में भी किसी बीट प्रभारी, विवेचक या थाना प्रभारी द्वारा गश्त, विवेचना और कानून-व्यवस्था में ढिलाई या अनुशासनहीनता पाई गई, तो उनके विरुद्ध कठोरतम विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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