चंदौली यातायात पुलिस ने सेंट हनीफ स्कूल सेमरा में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की। 270 छात्र-छात्राओं को हेलमेट, सीट बेल्ट व सड़क सुरक्षा नियमों की दी जानकारी।
- यातायात माह नवंबर के तहत सेंट हनीफ इंटरमीडिएट कॉलेज में भव्य कार्यशाला
- सीओ ट्रैफिक कृष्ण मुरारी शर्मा और प्रभारियों ने 270 छात्र-छात्राओं को दी सीख
- हेलमेट, सीट बेल्ट, स्पीड लिमिट और नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने पर जोर
- 'माता-पिता को भी करें जागरूक': छात्रों ने ली सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की शपथ
चीफ ब्यूरो दिवाकर राय, चंदौली (पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट): सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, यातायात को सुगम व सुरक्षित बनाने और आम नागरिकों में नियमों के प्रति संवेदनशीलता जगाने के उद्देश्य से 'यातायात माह नवंबर' के अंतर्गत चंदौली पुलिस द्वारा व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक चंदौली आकाश पटेल के कुशल निर्देशन में जनपद के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में कार्यशालाओं का आयोजन कर नई पीढ़ी को सड़क सुरक्षा का ब्रांड एंबेसडर बनाया जा रहा है।
इसी क्रम में बुधवार (04 नवंबर 2026) को क्षेत्राधिकारी यातायात कृष्ण मुरारी शर्मा के नेतृत्व में यातायात पुलिस की टीम ने सेंट हनीफ इंटरमीडिएट स्कूल, सेमरा में विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान विद्यालय के लगभग 270 छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की बारीकियों और सुरक्षित यात्रा के सिद्धांतों से अवगत कराया गया।
सीओ ट्रैफिक व प्रभारियों ने दी यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी यातायात कृष्ण मुरारी शर्मा, प्रभारी निरीक्षक यातायात-2 सुरेन्द्र यादव एवं प्रभारी निरीक्षक यातायात-1 सत्यप्रकाश यादव ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद स्थापित किया:
- सड़क पार करने के नियम: छात्रों को समझाया गया कि सड़क पार करते समय सदैव बाईं-दाईं ओर देखकर पूरी सतर्कता बरतें तथा केवल जेब्रा क्रॉसिंग या निर्धारित सुरक्षित स्थानों से ही सड़क पार करें।
- सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्यता: दोपहिया वाहन चलाते समय बीआईएस प्रमाणित हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की सीख दी गई।
- लापरवाही पर लगाम: वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने, ईयरफोन लगाने और निर्धारित गति सीमा (Speed Limit) से तेज वाहन चलाने के जानलेवा खतरों से आगाह किया गया।
नाबालिगों द्वारा ड्राइविंग पर सख्त हिदायत
अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं और विद्यालय प्रबंधन को स्पष्ट संदेश दिया कि 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिग बच्चों द्वारा दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाना कानूनन अपराध है और यह अत्यंत जोखिम भरा है:
- छात्र-छात्राओं को समझाया गया कि वे कम उम्र में वाहन चलाने की जिद न करें।
- नशे की हालत में वाहन चलाने के गंभीर दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि शराब या अन्य मादक पदार्थों का सेवन कर ड्राइविंग करना सीधे तौर पर जान को खतरे में डालना है।
- विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे न केवल स्वयं इन नियमों का पालन करें, बल्कि घर जाकर अपने माता-पिता, भाई-बहनों और पड़ोसियों को भी बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन न चलाने के लिए टोकें।
चंदौली पुलिस की आमजन से भावुक अपील
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई। चंदौली पुलिस ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा:
"यातायात नियम केवल चालान से बचने की कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि अनमोल जीवन की सुरक्षा का मजबूत आधार हैं। सड़क पर आपकी थोड़ी सी सावधानी आपके पूरे परिवार को किसी बड़े हादसे और दुख से बचा सकती है। स्वयं नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा की मिसाल बनें।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. सेंट हनीफ इंटरमीडिएट स्कूल, सेमरा में जागरूकता कार्यक्रम किस अभियान के तहत आयोजित हुआ?
यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक चंदौली के निर्देशन में संचालित 'यातायात माह नवंबर' विशेष अभियान के तहत आयोजित किया गया।
Q2. इस कार्यशाला में किन पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया?
कार्यशाला में क्षेत्राधिकारी यातायात कृष्ण मुरारी शर्मा, प्रभारी निरीक्षक यातायात-2 सुरेन्द्र यादव और प्रभारी निरीक्षक यातायात-1 सत्यप्रकाश यादव ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के नियम सिखाए।
Q3. कार्यक्रम में कितने छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया?
सेंट हनीफ इंटरमीडिएट स्कूल के लगभग 270 छात्र-छात्राओं और विद्यालय के शिक्षकगणों ने इस जागरूकता सत्र में भाग लिया।
Q4. सड़क सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों को किन मुख्य बिंदुओं पर जागरूक किया गया?
छात्रों को हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग, गति सीमा का पालन, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का प्रयोग न करना, सुरक्षित सड़क क्रॉसिंग और नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने के संबंध में विस्तार से जागरूक किया गया।



