पीजी कॉलेज के मुख्य द्वार पर दो दिवसीय हस्ताक्षर अभियान संपन्न: 710 छात्र-छात्राओं ने दर्ज कराया विरोध
प्राचार्य के बयान पर छात्र नेताओं का पलटवार: 'हिम्मत है तो छात्रों पर गलत बयान का मुकदमा कराएं'
पिछले सत्र में ₹40 तो इस बार बाहर की दुकानों से ₹70-₹100 की अवैध वसूली का आरोप
पूर्व उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय की चेतावनी: निष्पक्ष जांच हो, नहीं तो ईंट से ईंट बजा देंगे छात्र
छात्र नेताओं की प्रमुख मांगें: 6 नवंबर को डीएम के जरिए राज्यपाल को भेजा जाएगा ज्ञापन
चीफ ब्यूरो दिवाकर राय, गाजीपुर (पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट): स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज), गाजीपुर में छात्रवृत्ति प्रक्रिया के तहत अनिवार्य बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के नाम पर छात्र-छात्राओं से हो रही खुली अवैध वसूली के खिलाफ आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया है। महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर छात्र नेताओं द्वारा संचालित दो दिवसीय हस्ताक्षर अभियान गुरुवार को ऊर्जा और संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
अभियान के दौरान कॉलेज के विभिन्न संकायों के कुल 710 छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर कर कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ खुला विरोध दर्ज कराया। छात्र नेताओं ने ऐलान किया है कि आज 06 नवंबर 2026 को यह हस्ताक्षरित पत्र जिलाधिकारी गाजीपुर के माध्यम से कुलाधिपति/महामहिम राज्यपाल को सौंपा जाएगा।
प्राचार्य के बयान पर छात्र नेताओं का पलटवार: 'हिम्मत है तो मुकदमा कराएं'
मीडिया में प्राचार्य द्वारा 'कॉलेज में कोई वसूली न होने' के दिए गए बयानों पर छात्र नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की:
सफेद झूठ करार: छात्र नेताओं ने प्राचार्य के बयान को खारिज करते हुए कहा कि अपनी कुर्सी और अनियमितताओं पर पर्दा डालने के लिए प्राचार्य मीडिया को गुमराह कर रहे हैं।
खुली चुनौती: छात्र नेताओं ने दो-टूक कहा, "यदि प्राचार्य और प्रशासन को लगता है कि छात्र गलत बोल रहे हैं, तो वे साहस दिखाएं और हम पर मुकदमा दर्ज कराएं। झूठ बोलकर एक शिक्षक की गरिमा को तार-तार करना बंद करें।"
पिछले सत्र में ₹40, अब बाहर की दुकानों से ₹70-₹100 की वसूली
छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन ने योजनाबद्ध तरीके से वसूली का नया तरीका निकाला है:
पुराना रिकॉर्ड: पिछले शैक्षिक सत्र में कॉलेज कैंपस के भीतर बाकायदा लिखित नोटिस चस्पा कर प्रति छात्र ₹40 वसूले गए थे, जिसके कागजी साक्ष्य आज भी मौजूद हैं।
निजी दुकानों का सिंडिकेट: इस बार कॉलेज के भीतर विरोध और पोल खुलने के डर से छात्रों को परिसर से बाहर स्थित निजी साइबर कैफे व दुकानों पर भेजा जा रहा है, जहां बायोमेट्रिक सत्यापन के नाम पर ₹70 से ₹100 तक वसूले जा रहे हैं। छात्र स्वयं गवाही दे रहे हैं कि उन्हें कैंपस से बाहर धकेला जा रहा है।
'एक हफ्ते में कार्रवाई न हुई तो ईंट से ईंट बजा देंगे': दीपक उपाध्याय
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा:
महामहिम राज्यपाल और जिलाधिकारी महोदय तत्काल एक स्वतंत्र जांच समिति गठित करें, जो सीधे छात्रों से संवाद कर जमीनी हकीकत का पता लगाए।
यदि जांच में प्राचार्य दोषी पाए जाते हैं और निशुल्क सरकारी व्यवस्था के स्थान पर अवैध वसूली की बात प्रमाणित होती है, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
आज 06 नवंबर को ज्ञापन सौंपने के बाद यदि एक सप्ताह के भीतर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो छात्र पूरे जिले में उग्र आंदोलन छेड़ेंगे।
छात्र नेता प्रद्युम्न सिंह यादव और आकाश चौधरी ने कहा कि शिक्षकों की आड़ में दलाली का यह धंधा किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। वहीं छात्र नेता निलेश बिन्द व विकास यादव ने संयुक्त रूप से कहा कि 710 छात्रों के हस्ताक्षर इस बात के स्पष्ट प्रमाण हैं कि कॉलेज में विद्यार्थियों का खुलेआम आर्थिक शोषण हुआ है।
छात्र नेताओं की प्रमुख मांगें
महामहिम राज्यपाल व जिलाधिकारी द्वारा उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
दोषी पाए जाने पर प्राचार्य व जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कठोर प्रशासनिक व दंडात्मक कार्रवाई हो।
कॉलेज परिसर के अंदर ही बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की पूरी तरह निशुल्क, सुगम व पारदर्शी व्यवस्था तत्काल शुरू हो।
बाहर की निजी दुकानों पर छात्रों को भेजने और ₹70-₹100 की लूट पर तुरंत पूर्ण प्रतिबंध लगे।
जिन विद्यार्थियों से बिना रसीद धन उगाही की गई है, उनकी पूरी धनराशि अविलंब वापस की जाए।
बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रहे मौजूद
हस्ताक्षर अभियान के समापन पर छात्र नेताओं के साथ प्रमुख रूप से अंकित भारद्वाज, मुकेश चौधरी, अंकित यादव, राजू कुमार, आकाश चौधरी, निलेश बिन्द, विकास यादव, सतीश चौधरी, मोहित यादव, मनोज राजभर, पुष्कर, अमन, आरती, देवेश, श्रेया, पिंकी, काजल, सोनी, चांदनी सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. गाजीपुर पीजी कॉलेज में छात्र किस मुद्दे को लेकर हस्ताक्षर अभियान चला रहे थे?
छात्रवृत्ति के लिए जरूरी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के नाम पर छात्रों से हो रही ₹70 से ₹100 की अवैध वसूली के विरोध में यह अभियान चलाया गया।
Q2. इस दो दिवसीय हस्ताक्षर अभियान में कुल कितने विद्यार्थियों ने समर्थन दिया?
दो दिवसीय अभियान के दौरान कॉलेज के कुल 710 छात्र-छात्राओं ने बैनर पर हस्ताक्षर कर अपना विरोध दर्ज कराया।
Q3. छात्र नेताओं का अगला कदम क्या है?
छात्र नेता 06 नवंबर 2026 को 710 हस्ताक्षरों से युक्त ज्ञापन पत्र जिलाधिकारी गाजीपुर के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को प्रेषित करेंगे।
Q4. छात्र नेताओं ने प्रशासन को क्या चेतावनी दी है?
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि ज्ञापन सौंपने के एक सप्ताह के भीतर जांच कमेटी गठित कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कॉलेज प्रशासन के खिलाफ व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।


