अक्टूबर में सोने और चांदी के दामों में आई रिकॉर्ड गिरावट। चांदी 39,000 रुपये से अधिक टूटी, सोना भी हुआ सस्ता। धनतेरस व दिवाली पर खरीदारी का शानदार मौका।
खास बातें :-
धनतेरस से पहले सोने-चांदी में बड़ा करेक्शन: चांदी के दाम ₹39,000 से अधिक गिरे
सोने की चमक भी पड़ी फीकी: ऊंचे स्तरों से मुनाफावसूली का असर
क्यों आई कीमती धातुओं में अचानक भारी गिरावट? जानिए मुख्य कारण
धनतेरस व दिवाली पर निवेशकों व ग्राहकों के लिए खरीदारी की बेहतर रणनीति
बिजनेस डेस्क (पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट): त्योहारी सीजन और धनतेरस के पावन पर्व से ठीक पहले सर्राफा बाजार से आम उपभोक्ताओं और सोने-चांदी के निवेशकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है।
अक्टूबर के महीने में कीमती धातुओं के बाजार में भारी उथल-पुथल और रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। बीते महीने जहां चांदी की कीमतों में ₹39,000 प्रति किलोग्राम से अधिक की ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिली, वहीं सोने के भाव भी अपने उच्च स्तरों से फिसलकर काफी सस्ते हो चुके हैं।
धनतेरस और दीपोत्सव के अवसर पर सोने के आभूषण, गिन्नी और चांदी के सिक्के या बर्तन खरीदने की योजना बना रहे परिवारों के लिए यह गिरावट किसी सुनहरे मौके से कम नहीं है।
रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसली चांदी: ₹39,000 प्रति किलो का बड़ा गोता
हाल के महीनों में रिकॉर्ड तेजी दिखाने वाली चांदी पर अक्टूबर में मंदड़ियों का दबदबा रहा:
भारी मुनाफावसूली: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजारों (MCX एवं COMEX) में ऊपरी स्तरों पर भारी मुनाफावसूली और वैश्विक औद्योगिक मांग में नरमी के चलते चांदी की कीमतों में तीव्र करेक्शन आया।
₹39,000 की गिरावट: महीने भर के उतार-चढ़ाव में चांदी लगभग 39,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई, जिससे खुदरा बाजार में चांदी के आभूषण और सिक्कों के भाव आम बजट के अनुकूल हो गए हैं।
सोना भी हुआ सस्ता: निवेशकों और शादी-ब्याह की खरीदारी में उछाल
चांदी के साथ-साथ पीली धातु (सोना) भी अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर से नीचे आ गई है:
दामों में नरमी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के कारण सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
त्योहारी खरीदारी को मिला बूस्ट: दाम कम होने से सर्राफा बाजारों में धनतेरस की एडवांस बुकिंग बढ़ गई है। खासकर शादी-विवाह के आगामी सीजन को देखते हुए परिवारों ने गहनों की अग्रिम खरीदारी तेज कर दी है।
कीमतों में गिरावट की मुख्य वजहें
कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, अक्टूबर में सोने और चांदी के टूटने के पीछे प्रमुख कारक रहे:
डॉलर इंडेक्स में रिकवरी: अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में मजबूती आने से गैर-ब्याज वाली संपत्तियों (सोना-चांदी) पर दबाव बढ़ा।
भू-राजनीतिक जोखिमों में कमी: वैश्विक तनाव में तात्कालिक स्थिरता के संकेतों से निवेशकों ने सुरक्षित पनाहगाह (Safe Haven) माने जाने वाले सोने से मुनाफा समेटा।
औद्योगिक मांग पर असर: चीन और यूरोपीय बाजारों में विनिर्माण गतिविधियों की धीमी रफ्तार से औद्योगिक रूप से उपयोगी चांदी के भाव में तीव्र गिरावट आई।

