संयुक्त कृषि निदेशक, वाराणसी मण्डल, वाराणसी शैलेन्द्र कुमार द्वारा उप कृषि निदेशक चंदौली कार्यालय का निरीक्षण किया गया।
चंदौली। संयुक्त कृषि निदेशक, वाराणसी मण्डल, वाराणसी शैलेन्द्र कुमार द्वारा उप कृषि निदेशक चंदौली कार्यालय का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय में संचालित योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त जनपद में संचालित विभिन्न योजनान्तर्गत यथा कृषक आलोक पाण्डेय ग्राम गुरेहूं, विकास खंड धानापुर में धान की डी.एस.आर. विधि से सीधी बुवाई को देखा गया, धान की फसल बहुत अच्छी पायी गई। जिसके क्रम उपस्थित कृषको से अपेक्षा की गई कि धान की बुवाई डी.एस.आर. विधि से करें, इस विधि से धान की खेती में लागत कम आएगी।
कृषको द्वारा धान की एम0टी0यू0 7029 लम्बी अवधि प्रजाति, डी0एस0आर0 मशीन पर कोई सब्सिडी नहीं होने के कारण इस यंत्र पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी तथा डी0एस0आर0 विधि में प्रयोग में लाए गए सबसे उपयुक्त खरपतवारनाशी रसायन ’’काउंसेल’’ (बायर कम्पनी) एवं उनके द्वारा मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट की मांग की गई।
उपस्थित कृषकों को बताया गया कि आपका सुझाव उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया जाएगा। इसी क्रम में लक्ष्मण मौर्या गांव धानापुर, में त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत मक्के का प्रदर्शन 1 बीघा क्षेत्रफल में देखा गया। मक्के की फसल अच्छी पायी। उपस्थित कृषकों मृत्युजंय सिंह पूर्व प्रधान धानापुर से वार्ता के दौरान जिप्सम की मांग की गई एवं उनके द्वारा सुझाव दिया गया कि हरी खाद के रूप में ढै़चे के साथ-साथ मूंग भी अच्छा विकल्प है। अतः मूंग का बीज समय से उपलब्ध कराया जाए। कृषक कमल नाथ मिश्रा एवं शैलेन्द्र पाण्डेय धानापुर द्वारा बताया गया कि नगवा पम्प कैनाल एवं भुपौली पम्प कैनाल प्रायः गंगा नदी में बाढ़ आने के उपरान्त बन्द कर दिया जाता है।
जिसके कारण धान की फसल की सिंचाई प्रभावित होती है जिसे सुचारू रूप से संचालित कराया जाए। साथ ही गर्मी के दिनों नहरों की साफ-सफाई अनिवार्य रूप से कराया जाए। इसी क्रम में कृषकों को बताया गया कि जिला कृषि अधिकारी चन्दौली द्वारा जिप्सम की मांग लखनऊ प्रेषित की गयी है, जल्द ही राजकीय कृषि बीज भण्डार पर उपलब्ध हो जाएगा। सिंचाई एवं आदि की व्यवस्था हेतु सम्बन्धित विभाग को अवगत करा दिया जाएगा।
कृषक रामधनी गांव बेवदा विकास खंड धानापुर चंदौली में नमामि गंगे योजना अतंर्गत कलस्टर प्रदर्शन का स्थलीय निरीक्षण किया गया। कृषक एवं कलस्टर प्रभारी श्री रामधनी द्वारा बताया गया कि दो बीघे एवं कृषक अरविन्द पाण्डेय द्वारा 10 एकड़ में जैविक खेती की जा रही है। इसी क्रम में विभाग द्वारा नमामि गंगे योजना में नामित एजेंसी ’’प्रकृति आर्गेनिक फार्म फ्रेश प्रा0 लि0 के कार्मिक अंकित सिंह एवं गौरव शुक्ला को निर्देशित गया कि जैविक खेती से सम्बन्धित समस्त प्रकार के कृषि निवेशों को कलस्टर में सम्मिलित कृषकों को ससमय उपलब्ध कराते रहें तथा उनके द्वारा उत्पादित फसलों के बीज के प्रमाणीकरण एवं मार्केटिंग की व्यवस्था एफ0पी0ओ0 आदि के माध्यम से कराएं, ताकि जैविक बीज का सही मूल्य कृषको मिल सके इसके साथ ही जनपद के दूसरे कृषकों एवं उपभोक्ताओं को भी जैविक बीज उपलब्ध हो सके।