लोक भाषा एवं साहित्य विकास परिषद के अन्तर्गत "आचमन" नामक Poetry collection launch हुआ, जो कि Emerging poet Anupriya Rai की प्रथम पुस्तक है।
मऊ। जनपद अंतर्गत शहर के हिन्दी भवन मऊ में मंगलवार को लोक भाषा एवं साहित्य विकास परिषद के अन्तर्गत "Achaman " नामक कविता संग्रह का लोकार्पण हुआ, जो कि नबोदित कवियत्री अनुप्रिया राय की प्रथम पुस्तक है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में गोरखपुर जनपद के वरिष्ठ कवि बृजभूषण वृज ने कार्यक्रम अध्यक्षता की।
साथ में मुख्य अतिथि अयोध्या के डा० रामानन्द शुक्ल (प्रधानाचार्य संस्कृत विद्यालय) रहे।
विशिष्ट अतिथि दयाशंकर तिवारी, डा योगेन्द्र तिवारी, और डी०सी०ए०के० पी० जी०कालेज के प्राचार्य प्रो० सर्वेश पाण्डेय रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर कमलेश राय वरिष्ठ कवि और भोजपूरी साहित्य परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने किया।
सर्वप्रथम कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा मां सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद सभी लोगों द्वारा पुस्तक का विमोचन किया गया।
उपस्थित लोगों ने कवियत्री अनुप्रिया राय द्वारा लिखी पुस्तक की सराहना की और नारी शक्ति द्वारा नटी संवेदना को अपनी कलम से कविताओं के माध्यम से प्रस्तुत करने को लेकर साधुवाद दिया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में ब्रह्मर्षि वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र राय बबलू, ब्रह्मर्षि वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता त्रिलोकी नाथ राय, मृत्युंजय विवारी प्रवक्ता, बृजेश गिरि कवि, जितेन्द्र मिश्रा "काका", सुमित उपाध्याय,डा० दिवाकर शर्मा प्राचार्य, परिषद के अध्यष मऊ, देवभूषण तिवारी प्राचार्य, डा० (रामनिवास पाण्डेय, डा० पूनम पाण्डेय, अनुभूति द्विवेदी, डा० संजय राप प्राचार्य, संतोष कुमार राय प्रधानाचार्य, डा० संजय भारती प्रधानाचार्य, डो० शास्वतानन्द पाण्डेय प्रधानाचार्य, सुशील राय प्रवक्ता, अरुण सिंह प्रधानाचार्य, आनंद सिंह समाजसेवी, मनोज राय कौड़ीराम, संजीवनी राय गोरखपुर, संजय राय (ज्यूरो प्रमुख तरुण मित्र) प्रवीण राय सम्पादक लोक अधिकार, विशाल राय प्रकाशक वसुधानंद बुक्स पब्लिकेशन कोलकाता, अश्विनीकांत राय प्रबंध प्रकाशक उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय गाजीपुर रहे।
कार्यक्रम के संयोजन में विशेष सहयोग सागर सिंह विश्व गर्भा फाउंडेशन का रहा एवं कार्यक्रम के आयोजक नवीन कुमार एय, क्षितिज राय, मृदुला राय, अर्पित राय थे।


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