फसलों की कटाई हो जाने के कारण धान की टिड्डियों का गेहूँ फसल पर प्रकोप

फसलों की कटाई हो जाने के कारण धान की टिड्डियों का गेहूँ फसल पर प्रकोप

वर्तमान समय धान के फसलों की कटाई हो जाने के कारण धान की टिड्डियाँ Rice grasshoppers गेहूँ के कोमल पौधों को जनपद के उन क्षेत्रों में क्षति पहुंचा रही हैं.

फसलों की कटाई हो जाने के कारण धान की टिड्डियों का गेहूँ फसल पर प्रकोप

Purvanchal News Print / ब्यूरो चीफ दिवाकर राय चंदौली |

जिला कृषि रक्षा अधिकारी स्नेह प्रभा District Agricultural Protection Officer Sneh Prabha ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि वर्तमान समय धान के फसलों की कटाई हो जाने के कारण धान की टिड्डियाँ गेहूँ के कोमल पौधों को जनपद के उन क्षेत्रों में क्षति पहुंचा रही हैं जहाँ पर कुछ छिटपुट खेतों में ही गेहूँ की बुवाई हुयी है। ऐसे में उनको हरे पौधे मात्र गिने चुने खेतों में मिल रहे हैं. ये उन खेतो में गेहूँ के पौधे काटते खाते देखने को मिल रही हैं ।
                    
बचाव :-
* मेढ़ों के खरपतवारों की साफ-सफाई रखें।
* किसान भाई अपने खेत की नियमित निगरानी करते रहें ।
* यदि फसल सिंचाई करने की अवस्था में हो तो सिंचाई कर दें ।
* नीम आयल 1500 पीपीएम की 2-5 मिली. मात्रा प्रति लीटर पानी की दर या क्लोरपाईरिफॉस 1.5
प्रतिशत डीपी 25 किग्रा/ हेक्टेयर या लेम्डा - साइहैलोथ्रिन 2.5 प्रतिशत ई.सी. 500 मिली./ हेक्टेयर के
हिसाब से 350-500 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे कर सकते हैं 
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