जिला गंगा समिति, पर्यावरण समिति एवं जिला वृक्षारोपण समिति के संयुक्त बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
चंदौली।जिला गंगा समिति, पर्यावरण समिति एवं जिला वृक्षारोपण समिति के संयुक्त बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा शासन से प्राप्त वृक्षारोपण लक्ष्य एवं तैयारियों की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त सिंगल यूज प्लास्टिक के नियंत्रण एवं ठोस अपशिष्ट के पृथक्करण व अंतिम निस्तारण को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। जिला गंगा समिति की बैठक में गंगा एवं अन्य जल स्रोतों की स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया।
प्लास्टिक कचरे के पुनः उपयोग (रीयूज) के अभिनव प्रयास के तहत नदी, तालाब एवं धार्मिक स्थलों पर जल में तैरते कचरे को रोकने हेतु फ्लोटिंग ट्रैश बैरियर लगाने के प्रथम प्रयास पर चर्चा की गई। इस संबंध में जिला पंचायतीराज अधिकारी एवं संबंधित नगर निकायों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि जिले में एजेंडा बिंदु के अन्तर्गत शत प्रतिशत कार्य पूर्ण करे ,और नमामि गंगे विभाग में दर्शन निषाद द्वारा स्वच्छता अभियान, डाल्फिन संरक्षण,पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों से प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रमाण पत्र से जिला परियोजना अधिकारी दर्शन निषाद को मुख्य विकास अधिकारी ने सम्मानित किया।
भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली 2026 के परेड समारोह में दर्शन निषाद विशिष्ट अतिथि बुलाए गए थे, दर्शन निषाद गंगा स्वच्छता अभियान में सर्वश्रेष्ठ गंगा प्रहरी के लिए विख्यात हैं, पर्यावरण संरक्षण, डाल्फिन संरक्षण के लिए जल शक्ति मंत्रालय और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भी सम्मानित हैं, मन की बात 100वें एपिसोड में सराहना पीएम ने किया.
मुख्य विकास अधिकारी राल्लवल्लि जगत साई रेड्डी ने कहा कि ऐसे जल योद्धा को सम्मानित करना स्वंम को गौरवान्वित करने योग्य है, दर्शन निषाद मेहनत से काम करते हैं, हमारी शुभकामनायें उनके साथ है, दर्शन निषाद नें बताया बाढ़ और बाढ़ चौकी राहत केंद पर सेवा करते हुए 20 से ज्यादा लोगों का अपने बोट से जान तक बचाई हैं क्योंकि निषाद समुदाय अक्सर लोगों को जीवन देते आ रहे हैं।
बैठक के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी, डीसी मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी गण उपस्थित रहे।


