उत्तर प्रदेश में जनगणना अब डिजिटल और तेज़ होगी, जो मई 2026 से फरवरी 2027 तक दो फेज़ में होगी।
खास बातें:-
जनगणना मई 2026 से फरवरी 2027 तक दो फेज़ में होगी।
यह देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी।
मोबाइल ऐप और सेल्फ-रिपोर्टिंग के ज़रिए डेटा सही होगा।
पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट / लखनऊ। यूपी में जनगणना अब पहले से कहीं ज़्यादा तेज़, ज़्यादा सही और डिजिटल होगी। दो फेज़ की जनगणना प्रक्रिया मई में शुरू होगी और फरवरी 2027 तक चलेगी। मार्च 2027 तक देश के सामने पूरी तस्वीर आने की उम्मीद है।
इस बार, जनगणना पूरी तरह से डिजिटल तरीके से होगी। नए सिस्टम को लागू करने में आसानी के लिए अधिकारियों और सहयोगियों को भी ट्रेनिंग दी जा रही है।
गुरुवार को पंचायती राज ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में पंचायत राज के ज़िला अधिकारियों के लिए पूरे राज्य में एक दिन का ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा गया। इसमें सभी ज़िलों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया और नए जनगणना प्रोसेस के बारे में सीखा।
पंचायती राज विभाग के विशेष सचिव राजेश त्यागी ने बताया कि जनगणना का डेटा डेवलपमेंट की नींव होता है। इसी डेटा के आधार पर गांव की पंचायतों से लेकर बड़े लेवल तक डेवलपमेंट प्लान बनाए जाते हैं। डिजिटल जनगणना की वजह से डेटा पहले से ज़्यादा तेज़ी से मिलेगा, जिससे प्लानिंग में तेज़ी आएगी।
जनगणना निदेशक शीतल वर्मा ने बताया कि यह देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी। डेटा इकट्ठा करने के लिए एक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। पूरे प्रोसेस को सेंट्रल CMMS पोर्टल के ज़रिए मॉनिटर और मैनेज किया जाएगा।

