AI स्टॉक मार्केट को बदल देगा: विजय केडिया इन्वेस्टिंग का भविष्य समझाते हैं, जानें मशीनें कैसे ट्रेड करेंगी

AI स्टॉक मार्केट को बदल देगा: विजय केडिया इन्वेस्टिंग का भविष्य समझाते हैं, जानें मशीनें कैसे ट्रेड करेंगी

जाने-माने इन्वेस्टर विजय केडिया आसान शब्दों में AI के बदलते रोल को समझाते हैं। वह बताते हैं कि कैसे AI सिर्फ़ सलाह देने से आगे बढ़कर अपने ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट के फैसले खुद ले रहा है। यह भविष्य में इन्वेस्टिंग की पूरी दुनिया बदल सकता है।

AI स्टॉक मार्केट को बदल देगा: विजय केडिया इन्वेस्टिंग का भविष्य समझाते हैं, जानें मशीनें कैसे ट्रेड करेंगी


स्टॉक मार्केट में तेज़ी से बदलती टेक्नोलॉजी के बीच, पुराने इन्वेस्टर विजय केडिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आसान लेकिन गहरे कॉन्सेप्ट को समझाते हैं। वह बताते हैं कि AI अब सिर्फ़ स्टॉक की सलाह देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि धीरे-धीरे खुद फैसले लेने और ट्रेडिंग करने की तरफ बढ़ रहा है। यह बदलाव भविष्य में पूरे इन्वेस्टमेंट के माहौल को बदल सकता है और आम इन्वेस्टर्स के लिए नए मौके और चुनौतियां ला सकता है।

लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs): जब AI आपका मार्केट एक्सपर्ट बन जाता है
केडिया के अनुसार, AI का पहला लेवल लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) हैं, जैसे ChatGPT, Gemini, और Perplexity AI। ये टूल मार्केट एक्सपर्ट्स की तरह काम करते हैं, जहाँ आप उनसे किसी स्टॉक के बारे में सवाल पूछते हैं, और टूल आपको जानकारी और एनालिसिस देता है। लेकिन, इस स्टेज पर, AI सिर्फ़ सलाह देता है, खुद ट्रेड नहीं करता।

एजेंटिक AI: जब मशीनें खुद ट्रेडिंग शुरू करती हैं
अगला लेवल एजेंटिक AI है, जहाँ AI न सिर्फ़ सलाह देता है बल्कि खुद छोटे ट्रेड करने की भी काबिलियत रखता है। इसका मतलब है कि इन्वेस्टर्स को अब हर बार मैन्युअली क्लिक करने की ज़रूरत नहीं है; मशीन खुद कुछ फ़ैसले ले सकती है।

मल्टी-एजेंट सिस्टम: एक टीम के तौर पर काम करना
अगला एक मल्टी-एजेंट सिस्टम है, जहाँ कई AI एक टीम के तौर पर एक साथ काम करते हैं। एक AI स्टॉक मार्केट में मौके ढूंढता है, दूसरा रिस्क मैनेज करता है, और तीसरा ट्रेड करता है। यह बिल्कुल एक प्रोफ़ेशनल इन्वेस्टमेंट टीम की तरह काम करता है।

AGI और सुपरइंटेलिजेंस: भविष्य का सुपर इन्वेस्टर
केडिया आगे आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) को एक "सुपर इन्वेस्टर माइंड" बताते हैं जो खुद रिसर्च, एनालिसिस और इन्वेस्ट कर सकता है। इसके आगे सुपरइंटेलिजेंस का लेवल है, जहाँ AI मार्केट ट्रेंड, साइकिल और मौकों को इंसानों से भी बेहतर समझ सकता है।

'टिप्स से समझदारी तक' का सफ़र
विजय केडिया इस पूरे बदलाव को एक लाइन में बताते हैं: "टिप्स से ट्रेड्स तक, ट्रेड्स से सिस्टम्स तक, और सिस्टम्स से समझदारी तक का सफ़र।" उनका मानना ​​है कि इन्वेस्टर्स को इसी रास्ते पर चलना चाहिए। उनका मैसेज आसान है: पहले सीखें, फिर कमाएँ, और आखिर में, आगे बढ़ें।

केडिया का अनुभव और पोर्टफोलियो
विजय केडिया भारत के सबसे जाने-माने इन्वेस्टर्स में से एक हैं, जो मल्टी-बिलियन डॉलर स्टॉक्स चुनने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 19 साल की उम्र में इन्वेस्ट करना शुरू किया और 1992 में केडिया सिक्योरिटीज़ की शुरुआत की।

ट्रेंडलाइन डेटा के मुताबिक, उनके पास अभी 18 स्टॉक्स का पोर्टफोलियो है, जिनकी कुल वैल्यू ₹1,118.6 करोड़ से ज़्यादा है। उनका अनुभव और नज़रिया उन्हें दूसरे इन्वेस्टर्स से अलग बनाता है।

(डिस्क्लेमर ): एक्सपर्ट्स द्वारा बताई गई सलाह, विचार और राय उनके अपने हैं। ज़रूरी नहीं कि वे "पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट" हिंदी के विचार हों।)

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