होमगार्ड दफ्तर के कमांडेंट ने गार्ड को सेवा से वंचित किया तो पीड़ित राम सिंह ने गर्मी की परवाह नहीं करते हुए कचेहरी तिराहे पर स्थित अशोक लाट में आमरण अनशन शुरू कर दिया।
- शालिनी ने पीड़ित की मांग को जायज ठहराया
वरिष्ठ संवाददाता / बांदा। होमगार्ड दफ्तर के कमांडेंट ने गार्ड को सेवा से वंचित किया तो पीड़ित राम सिंह ने गर्मी की परवाह नहीं करते हुए कचेहरी तिराहे पर स्थित अशोक लाट में आमरण अनशन शुरू कर दिया। इसकी भनक जब महकमे के जिम्मेदार को हुई तब वह अनशन स्थल बुधवार को आ धमके।
इसी बीच जनता दल यूनाइटेड नेत्री शालिनी पटेल पहुंची और अनशनकारी की मांग जायज ठहराते हुए कहा कि हर किसी को हक है कि न्याय के लिए शांति पूर्ण आंदोलन करे। जिले के डिंगवाही गांव के रहने वाले अंशनकारी रामसिंह ने बताया कि कुछ दिनों का मुझे वेतन नहीं दिया गया है।
अधिकारों की मांग कर रहे। पीड़ित के विभागीय अधिकारियों/ कर्मचारियों और शालनी पटेल के बीच अनशनकारी को न्याय दिलाए जाने की कोशिश के दौरान गुस्सा फूट पड़ा।
जेडीयू नेत्री ने मीडिया के समक्ष कहा कि बांदा के अशोक लाट पर 1947 में गोविंद बल्लभ पंत के कर कमलों से अनशन स्थल का उद्घाटन किया था। जिसमें लोगों ने अनशन का रास्ता अख्तियार कर न्याय हासिल किया। अब सालों पुराने अनशन स्थल को जिला प्रशासन द्वारा सोची समझी साजिश के तहत खत्म किए जाने से अनशनकारी तेज धूप में बैठने को मजबूर है। जनता के हितों के लिए में सड़को में उतरकर आंदोलन करना पड़ा तो हम पीछे हटने वाले नहीं है।


