जनपद के सकलडीहा कस्बे में रविवार शाम सामाजिक एकता और समरसता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सम्मान में भव्य धम्म यात्रा निकाली गई। ‘जय भीम’ के गगनभेदी नारों से पूरा बाजार क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
चंदौली, उत्तर प्रदेश: जनपद के सकलडीहा कस्बे में रविवार शाम सामाजिक एकता और समरसता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सम्मान में भव्य धम्म यात्रा निकाली गई। ‘जय भीम’ के गगनभेदी नारों से पूरा बाजार क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
इस ऐतिहासिक धम्म यात्रा में भिक्खु संघ के प्रमुख भंते चंदिमा थेरो की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके नेतृत्व में हजारों श्रद्धालु हाथों में तिरंगा, पंचशील ध्वज, नीला झंडा और बाबा साहब की तस्वीरें लेकर यात्रा में शामिल हुए। यह आयोजन सामाजिक सद्भाव और एकता का प्रतीक बनकर उभरा।धम्म यात्रा की शुरुआत सकलडीहा इंटर कॉलेज परिसर स्थित बौद्ध विहार से हुई।
इस दौरान भंते चंदिमा थेरो ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ.आंबेडकर ने न केवल दलित समाज, बल्कि पूरे देश को समानता, न्याय और बंधुत्व का मार्ग दिखाया। उन्होंने लोगों से बाबा साहब के विचारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
यात्रा कस्बे की मुख्य सड़कों से होते हुए तहसील मार्ग, ब्लॉक मुख्यालय और बाजार क्षेत्रों से गुजरी। इस दौरान जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। अंत में बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा का समापन किया गया।
कार्यक्रम में मिशन कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुति से माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। ‘जय भीम, जय भारत’ और ‘बौद्ध धम्म की जय’ जैसे गीतों पर लोग झूम उठे। कलाकारों ने बांसुरी, तबला, हारमोनियम और अन्य वाद्ययंत्रों के साथ बाबा साहब के संघर्ष और योगदान को जीवंत किया।


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