सीएम योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शस्त्र लाइसेंसों की जांच के आदेश दिए। अपराधियों और भू-माफियाओं पर कार्रवाई तेज।
सीएम योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शस्त्र लाइसेंसों की जांच के आदेश दिए। अपराधियों और भू-माफियाओं पर कार्रवाई तेज।
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| मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ |
- माफियाओं, भू-कब्जेदारों और अवैध शस्त्र लाइसेंस पर प्रशासनिक और न्यायिक शिकंजा
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सरकार और न्यायपालिका दोनों एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत माफियाओं, भू-कब्जेदारों और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई तेज हो रही है, वहीं दूसरी ओर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में बढ़ते गन कल्चर और शस्त्र लाइसेंसों के दुरुपयोग को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।
सीएम योगी का सख्त संदेश- “दबंगई बर्दाश्त नहीं”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की दबंगई, भू-माफियागिरी और अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता केवल अपराध दर्ज करना नहीं, बल्कि अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क और अवैध संपत्तियों को पूरी तरह ध्वस्त करना है।
सरकार ने साफ किया है कि यदि कोई दबंग गरीबों या कमजोर वर्ग की जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ बिना किसी दबाव के तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बुलडोजर और कुर्की अभियान होगा और तेज
प्रदेश में अवैध संपत्तियों के खिलाफ बुलडोजर और कुर्की अभियान को और तेज करने की तैयारी है। बीते कुछ वर्षों में लखनऊ, प्रयागराज समेत कई जिलों में माफियाओं की करोड़ों रुपये की संपत्तियां जब्त और ध्वस्त की जा चुकी हैं।
सरकार का मानना है कि अपराधियों की आर्थिक ताकत खत्म करने से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
जमानत पर छूटे अपराधियों पर भी नजर
मुख्यमंत्री ने हाल ही में गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि जमानत पर बाहर आया कोई अपराधी पीड़ित या गवाह को धमकाने की कोशिश करता है तो उसकी जमानत निरस्त कराने के लिए तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए।
सरकार ने चेतावनी दी है कि अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
हाईकोर्ट ने गन कल्चर पर जताई गंभीर चिंता
इसी बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में बढ़ते गन कल्चर और रसूखदार लोगों को जारी शस्त्र लाइसेंसों की जांच के आदेश दिए हैं। न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि शस्त्र लाइसेंसों के आवंटन, नवीनीकरण और सार्वजनिक प्रदर्शन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
कोर्ट ने प्रदेश सरकार से 26 मई तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और सभी एसपी, एसएसपी तथा पुलिस कमिश्नरों को शपथ पत्र के साथ जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने प्रदेश में हथियारों और लाइसेंस से जुड़े चौंकाने वाले आंकड़े भी पेश किए गए—
- उत्तर प्रदेश में कुल एक्टिव शस्त्र लाइसेंस: 10,08,953
- लंबित आवेदन: 23,407
- दो या अधिक मुकदमों वाले लाइसेंस धारक: 6,062
- एक से अधिक लाइसेंस वाले परिवार: 20,960
इन आंकड़ों पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी तथ्य को छिपाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता के लिए संवेदनशीलता भी प्राथमिकता
जहां सरकार अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कर रही है, वहीं आम जनता के लिए संवेदनशील रवैया भी बनाए हुए है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीर बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंद लोगों को मुख्यमंत्री राहत कोष से त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इलाज में धन की कमी किसी गरीब की जान पर भारी नहीं पड़नी चाहिए और राहत राशि जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

