सपा की महिला जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल पर घर में घुसकर हमला किए जाने के मामले ने अब राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है.
चंदौली। समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल पर घर में घुसकर हमला किए जाने के मामले ने अब राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें हमले का आरोपी बताए जा रहे भाजपा समर्थक की प्रदेश सरकार के एक मंत्री के साथ नजदीकी दिखाई दे रही है। तस्वीर सामने आने के बाद विपक्ष ने भाजपा पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।
बताया जा रहा है कि महिला सपा जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल के साथ हुई मारपीट की घटना ने जिले की राजनीति को गर्म कर दिया है। सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सत्ता से जुड़े लोगों के संरक्षण में दबंग खुलेआम कानून हाथ में ले रहे हैं और विरोध करने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।
घटना के बाद वायरल हुई तस्वीर में आरोपी कथित तौर पर भाजपा नेताओं और एक मंत्री के साथ दिखाई दे रहा है। इसी को लेकर समाजवादी पार्टी हमलावर हो गई है। सपा नेताओं का कहना है कि यदि आरोपी का सत्ता पक्ष से कोई संबंध नहीं है तो फिर उसके खिलाफ अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर ने कहा कि “प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। महिला नेत्री तक सुरक्षित नहीं हैं। आरोपी की मंत्री के साथ तस्वीर बहुत कुछ बयां करती है। पुलिस पर निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव बनाया जा रहा है।”
वहीं, सपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर में आंदोलन किया जाएगा। पार्टी नेताओं ने इसे महिला सम्मान और लोकतंत्र पर हमला बताया है।
दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। भाजपा पदाधिकारियों का कहना है कि किसी व्यक्ति का किसी नेता के साथ फोटो होना यह साबित नहीं करता कि पार्टी उसका समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच कर रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
इस मामले में पुलिस प्रशासन का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है तथा वायरल तस्वीरों और अन्य तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद जिले में राजनीतिक माहौल गरमा गया है और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विपक्ष लगातार प्रदेश सरकार को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने में जुटा है।


