समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता के
दौरान केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल पर तीखा हमला बोला।
पूर्वांचल न्यूज प्रिंट | चंदौली
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का 12 साल का शासन विकास के बजाय विफल योजनाओं, बढ़ते कर्ज, बेरोजगारी और आर्थिक अव्यवस्था का प्रतीक बनकर रह गया है।
सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जब सरकार के दावों को धरातल पर परखा जाता है तो वास्तविकता कुछ और ही दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी उपलब्धियों का प्रचार तो कर रही है, लेकिन जिन योजनाओं में करोड़ों रुपये खर्च हुए और अपेक्षित परिणाम नहीं मिले, उनकी चर्चा नहीं की जा रही है।
आर्थिक मोर्चे पर सरकार विफल
सांसद ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि देश का बजटीय घाटा लगभग 16 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि विदेशी कर्ज 200 लाख करोड़ रुपये के करीब बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती आर्थिक असमानता ने आम जनता का जीवन कठिन बना दिया है।
विदेश नीति पर भी उठाए सवाल
वीरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को भी असफल बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने हॉर्मूज क्षेत्र में टैंकरों पर हुए हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से भारतीय नागरिकों और देश की ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा बढ़ रहा है, लेकिन सरकार प्रभावी रणनीति बनाने में असफल रही है

आरक्षण घोटाले का लगाया आरोप
सांसद ने विभिन्न सरकारी भर्तियों में आरक्षण से जुड़े गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि—
- 69,000 प्राथमिक शिक्षक भर्ती में लगभग 8,000 पदों की अनियमितता हुई।
- एडेड जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण प्रभावित हुआ।
- ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती में लगभग 250 पदों की अनदेखी की गई।
- कनिष्ठ सहायक एवं कनिष्ठ लिपिक (ग्रेड-4) भर्ती में करीब 300 पदों पर आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और लेक्चरर जैसे पदों पर आरक्षण देने के बजाय "नॉट फाउंड सूटेबल" जैसी श्रेणियों का इस्तेमाल कर संविधान प्रदत्त अधिकारों का हनन किया गया।
कई प्रमुख योजनाओं पर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान सांसद वीरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को असफल बताते हुए कहा कि इन योजनाओं के अपेक्षित परिणाम जनता तक नहीं पहुंचे।
उन्होंने जिन योजनाओं पर सवाल उठाए, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- स्मार्ट सिटी योजना
- हर घर नल से जल योजना
- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
- स्वास्थ्य योजनाएं
- नई शिक्षा नीति
- मनरेगा
- सांसद आदर्श ग्राम योजना
- उज्ज्वला योजना
- मुद्रा योजना
- स्किल इंडिया मिशन
पेपर लीक और बेरोजगारी बना बड़ा मुद्दा
सांसद ने कहा कि नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं ने युवाओं का विश्वास कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न तो पेपर लीक रोक पाने में सफल रही और न ही युवाओं को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध करा सकी।
सामाजिक सौहार्द और भ्रष्टाचार पर भी निशाना
वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करने और महंगाई रोकने के मोर्चे पर भी सरकार अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब वास्तविक मुद्दों पर जवाब मांग रही है।
प्रेस वार्ता के अंत में सांसद ने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता के हितों और संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी तथा आम जनता की समस्याओं को सड़क से संसद तक उठाने का काम करेगी।
इस प्रेस वार्ता में सकलडीहा विधायक प्रभु नारायन सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर , चेयरमैन सुनील यादव गुड्डू, पूर्व चेयरमैन मुसाफिर सिंह चौहान, पूर्व विधायक प्रत्याशी चंद्रशेखर यादव और राजा खान समेत कई पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।

